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सामाजिक झंझाबातों से नहीं डिगी सावित्रीबाई फूले

हमीरपुर, महेश अवस्थी । केवी शिवहरे महाविद्यालय सिसोलर के प्राचार्य डाॅ भवानी ने कहा कि सावित्रीबाई फूले देश की पहली ऐसी महिला हैं जिन्होंने अपने पति ज्योतिबा राॅव के साथ मिलकर महिला शिक्षा और उनके अधिकारों के लिये संघर्ष किया। वे महाराष्ट्र के नाम गांव में पैदा हुई थीं। महान क्रान्तिकारी ज्योतिबा राॅव फूले से उनका विवाह हो गया। पति के प्रेरणा से 09 शिक्षार्थियों को लेकर उन्होंने एक विद्यालय की शुरूआत की। विधवाओं के लिये केन्द्र खोला। पुर्न विवाह के लिये प्रोत्साहित किया। गोद लिये पुत्र के साथ मिलकर फ्लेग से

बचाव के लिये पूणे में एक अस्पताल खोला था। वे जब विद्यालय पढ़ाने के लिये जाती हैं थी तो झोले में एक अतिरिक्त साड़ी लाती थीं, क्योंकि मार्ग में उनके ऊपर कीचड़, गोबर, मैला तक भेजा जाता था। वे स्कूल आकर दूसरी साड़ी पहनकर पढ़ाती थीं। इनके रास्ते में तमाम सामाजिक मुश्किलें आयीं मगर ये अपने अभियान को आगे बढ़ाती रहीं। कार्याशाला में डाॅ श्याम नारायण, डाॅ लालता प्रसाद, आरती गुप्ताा, नेहा यादव, अखिलेश, रामप्रसाद, देवेन्द्र त्रिपाठी, प्रशान्त सक्सेना, आनन्द सागर शिवहरे, गंगादीन मौजूद थे। संचालन रमाकान्त पाल ने किया था।

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