Latest News

साल के पहले दिन गुनगुनी धूप भी ना दे सकी राहत

पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते शहर कांप रहा है, बर्फीली हवाएं नश्तर बनकर चुभ रही हैं। इसके पीछे पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी या विक्षोभ ही नहीं, प्रदूषण भी ठंड के इजाफे की अहम वजह है। दिसंबर के अंतिम दिन जीरो डिग्री तापमान के साथ वर्ष 2019 की विदाई हुई तो नए साल के पहले दिन भी सर्द हवाएं सताती रहीं। रात का कोहरा सुबह छटा तो बर्फीली हवाओं से बढ़ी गलन ने हाथ-पांव सुन्न कर दिए। दोपहर बाद आसमान में सूरज की लुका-छिपी के बीच गुनगुनी धूप निकली लेकिन लोगों को ठंड से राहत देने में नाकाफी साबित हुई।
कानपुर गौरव शुक्ला:- चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के पास मौजूद 1971 तक के तापमान के रिकार्ड बताते हैं कि 2019 का दिसंबर माह में सबसे ठंडा रहा और आखिरी रात में पारा जीरो डिग्री पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान भी 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ जो सामान्य से दस डिग्री कम रहा। शहर के इतिहास में पहली बार दिसंबर में पारा लुढ़क कर जीरो डिग्री पर पहुंचा है, जो सामान्य से सात डिग्री कम रहा। गिरते पारे का आलम यह रहा कि घर में रखा दूध भी जमने के कगार पर पहुंच गया।

वर्ष 2020 का पहला दिन बीते दिवस से कुछ राहत भरा रहा। पारा कुछ ऊपर चढ़ा और दोपहर में निकली गुनगुनी धूप ने ठंड की जकडऩ को कम किया। हालांकि धूप सर्द हवाओं के कारण बेअसर साबित हुई। गलन के चलते टोपी, मफलर, दस्ताने और जैकेट भी नाकाफी रहे तो दस्ताने पहनने के बाद भी अंगुलियां सुन्न हो गईं। मौसम वैज्ञानिक डा. नौशाद खान ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। उत्तर पूर्वी सर्द हवा 2.3 किमी/घंटा की गति से चली। 2 व 4 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना बन रही है, वहीं पश्चिमी हवाओं से ठंड और बढ़ेगी।

मौसम विज्ञानी के मुताबिक ठंड को प्रदूषण भी बढ़ा रहा है। धूल व प्रदूषण के कण नमी को सोख रहे हैं। स्मॉग बन रहा है। सूरज की किरणें नीचे तक नहीं पहुंच रही है। यानी तापमान बढ़ाने वाले कारक काम नहीं कर रहे हैं। इससे तापमान दूसरे स्थानों की अपेक्षा अधिक गिर रहा है। वहीं दिन व रात के तापमान में अंतर कम होने के कारण दिन भी बेहद सर्द हो रहे हैं। अभी तापमान और गिरेगा।

दिसंबर में अब तक का तीसरा सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। एक दिसंबर 2003 के सबसे ठंडा दिन था, जब अधिकतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस था। 30 दिसंबर 2019 को 9.6 और 31 दिसंबर को 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग के अनुसार जनवरी में भी ठंड रिकार्ड तोड़ेगी। जनवरी सर्वाधिक ठंड का रिकार्ड हमेशा तोड़ती रही है। आठ जनवरी 2013 में (-1.1 डिग्री) पर न्यूनतम तापमान रहा तो नौ जनवरी 2013 को (-0.4 डिग्री)। वर्ष 2003 में एक एवं 22 जनवरी को (-1.0 डिग्री) पारा रहा है।

हाड़कंपाती ठंड से बुजुर्गों की क्या कहें, युवा बेहाल रहे। हैलट अस्पताल, लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान और उर्सला अस्पताल के इमरजेंसी में जानलेवा ठंड से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से दो युवा समेत 19 ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी ठंड में हाई ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर (मधुमेह), किडनी और दिल के रोगियों के लिए जानलेवा है। इसलिए ठंड में एहतियात बरतें और बेवजह घर से न निकलें।

No comments