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Sunday, January 12, 2020

बुंदेलखंड के विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकारों ने किया काम: शाही

सेमिनार में विकास की गति को और तेज करने के लिए हुआ मंथन 
भविष्य की विकास योजनाओं को लेकर भी चर्चाओं का चला सिलसिला 
सूबे के कई मंत्रियों और आला अधिकारियों ने भी रखे अपने विचार 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । बुंदेलखंड में अविरल विकास की गंगा बहाने के लिए आतुर केंद्र और प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड में बहुत तेजी के साथ काम कराया है। अभी विकास की और इबारत लिखने की जरूरत है। इसी के लिए बुंदेलखंड का विकास इशूज रणनीति एवं भावी दिशा विष्य पर आधारित राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया है। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों ने बुंदेलखंड की दशा और दिशा बदलने का काम किया है। भविष्य की विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाने और तमाम योजनाएं और मुद्दों को भी उठाया जा रहा है। यह बात कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा में आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए कही। 
सेमिनार का दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ करते कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही व अन्य 
शुक्रवार को बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ करते हुए सूबे के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि बुंदेलखंड को देश की राजधानी से जोड़ने के लिए करीब नौ हजार करोड़ रुपए की लागत से बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे बनाया जा रहा है, जिससे लोगों को देश की राजधानी दिल्ली पहुंचने में अधिक समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। साथ ही प्रदेश सरकार दो हजार करोड़ की लागत से डिफेंस कॉरीडोर का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कराने को प्रतिबद्ध है। कहा कि डिफेंस कॉरीडोर व बुंदेलखंड
राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग करते सूबे के अधिकारी।
एक्सप्रेस वे का निर्माण होने से बुंदेले युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कृषि मंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जलसंचयन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में करीब पांच हजार खेत तालाब प्रतिवर्ष के हिसाब से बन रहे हैं। वहीं प्रत्येक घर को नल से शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए आठ हजार करोड़ रुपए की लागत से पेयजल योजना शुरू की गई है। ऐसे ही झांसी मेडिकल कालेज को सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि यहां के लोगोें को चिकित्सा की सुविधाएं आसानी से मिल सकें। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक संसाधनों को सद्उपयोग करते हुए नई कृषि तकनीक अपनाने की नसीहत दी। कहा कि दलहन का 49 फीसदी उत्पादन बुंदेलखंड से हो रहा है। ऐसे मेें दलहन व तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में काम करने की जरूरत है। साथ ही कृषि मंत्री ने जैविक खेती के क्षेत्र में बुंदेलखंड को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि शाश्वत रूप से जैविक रहे बुंदेलखंड क्षेत्र को जैविक उत्पादोें का बाजार मुहैया कराने का काम किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने बुंदेलखंड में 2 लाख 42 हजार किसानों को ऋणमोचन योजना और 10 लाख 69 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाए जाने की जानकारी दी। बताया कि यहां के किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर उन्नत प्रजातियों के बीच उलब्ध कराए जा रहे हैं, वहीं अन्ना प्रथा को दूर करने के लिए देशी गायों के नस्ल सुधार पर प्रदेश सरकार काम कर रही है। कहा कि नस्ल सुधार से जहां दूध का उत्पादन बढ़ेगा वहीं गौवंश किसानों के लिए लाभदायक साबित होंगे। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश ने राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार के जरिए बुंदेलखंड के विकास को दिशा देने की बात कहते हुए बताया कि दो दिवसीय सेमिनार में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि मिलकर क्षेत्र के विकास की रणनीति पर फोकस करेंगे। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति यूएस गौतम ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के 80 वैज्ञानिकों ने क्षेत्र के एक सैकड़ा गांवों को गोद लिया है और किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन डा.नरेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष एवं फिल्म अभिनेता राजा बुंदेला, अयोध्या सिंह पटेल, सांसद आरके पटेल, प्रमुख सचिव सिंचाई टी.वेंकटेश, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार वी.के.राजू, प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव पर्यटन जितेंद्र सिंह, मंडलायुक्त गौरव दयाल, डीआईजी दीपक कुमार, डीएम हीरालाल समेत चित्रकूटधाम मंडल के सभी अधिकारी मौजूद रहे। 

डा. राय को दी गई श्रद्धांजलि 
बांदा। दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में शामिल होने आए वैज्ञानिक डा. आरबी राय के आकस्मिक निधन पर कृषि
राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही।
एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में शोक सभा कर देश और प्रदेश के तमाम वैज्ञानिकों और प्रदेश सरकार के मंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। इसके बाद ही सेमिनार शुरू किया गया और बुंदेलखंड के विकास की लकीर खींचने का काम किया गया। 

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