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कानपुर में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन

वीर सावरकर के विषय में गलिच्छ पुस्तक पर देशभर में तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए 
भोपाल में काँग्रेस सेवादल के प्रशिक्षण शिविर में ‘वीर सावरकर-कितने ‘वीर’ ?’ नामक पुस्तक बांटी गई । इस पुस्तक में देश के क्रांतिकारी वीर सावरकर समलिंगी संबंध रखनेवाले, मस्जिदों पर पथराव करनेवाले, अल्पसंख्यक महिलाओं पर बलात्कार करनेवाले थे, ऐसा अत्यंत ही हीन स्तर पर वीर सावरकर के प्रति द्वेष और असत्य लेखन किया है । अत: इस आक्षेपजनक पुस्तक पर देशभर में तुरंत प्रतिबंध लगाएं, उसके लेखक और प्रकाशक पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जाए, ऐसी मांग हेतु हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा यहां के अपर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री को ज्ञापन दिया गया ।

कानपुर गौरव शुक्ला:- इस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री. योगेंद्र सिंह, श्री. अवधेश श्रीवास्तव, श्री. रवी किरण, श्री राम दिगंबर आखाडा अयोध्या के श्री. राजेंद्रकुमार तिवारी, वेट्रंस इंडिया के श्री. राजकुमार त्रिपाठी, डॉ. एन. के तिवारी एवं हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी उपस्थित थे ।

भविष्य में ऐसा अनादर केवल वीर सावरकर का ही नहीं, अपितु किसी भी राष्ट्रपुरुष और क्रांतिकारियों का अन्य किसी से भी न हो, इस हेतु केंद्र सरकार को तुरंत ही इस संदर्भ में कानून बनाने की आवश्यकता है । काँग्रेस द्वारा वितरित पुस्तक से देश की धार्मिक और जातीय तनाव उत्पन्न कर समाज में फूट डालने का कुटिल षड्यंत्र ध्यान में आता है । काँग्रेस का वीर सावरकरद्वेष, यह संपूर्ण क्रांतिकारी आंदोलन के प्रति ही द्वेष है ।

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में आंदोलन कर देश की अखंडता और शांति भंग करनेवाले समाजकंटकों पर कार्यवाही की जाए !

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में कुछ धर्मांधों और कम्युनिस्ट संगठन और देशविघातक गतिविधियां करनेवालों ने हिंसक आंदोलन आरंभ किए । अत: इस हिंसाचार के पीछे सिमी अथवा पॉप्युलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया जैसे जिहादी आतंकवादी संगठन का हाथ तो नहीं ?, इसकी जांच की जाए तथा जामिया मिलिया इस्लामिया विद्यापीठ, अलीगढ मुस्लिम विद्यापीठ, देहली विश्वविद्यालय जैसे विद्यापीठों के जिन विद्यार्थियों ने इस हिंसाचार में सहभाग लिया, उन्हें तुरंत विद्यापीठ से निकाल दिया जाए ऐसी भी मांग इस समय की गयी ।

इसके साथ की गयी अन्य मांगे

आज तक वीर सावरकरजी का जो अनादर हुआ है, उसकी क्षतिपूर्ति करने के एक प्रयत्नस्वरूप वीर सावकर को सर्वाेच्च नागरी पुरस्कार ‘भारतरत्न’ तुरंत घोषित किया जाए । 

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