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आज प्राथमिक विद्यालय निनायाँ प्रथम में गणतंत्र दिवस बहुत ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया।

ऐश्वर्य गुप्ता (कानपूर देहात)

सरवनखेड़ा :- विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अनुपम सचान ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि 26 जनवरी 2020 पर इस वर्ष भारत 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 

26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत एक गणतंत्र देश बना था, इसके 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। तब से अपने देश में प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली और ढाई साल बाद 26 जनवरी 1950 को भारत डेमोक्रेटिक रिपब्लिक बना। ग्राम प्रधान श्रीमती कमला देवी ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के बड़े संघर्ष के बाद हमें अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली और हमारा संविधान बना। हमारे नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के काफी संघर्ष के बाद हमें आजादी मिली और भारत का अपना संविधान बना। हमारे संविधान को बनने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था, इसमें सभी नागरिकों के मूल कर्तव्यों, नियम और कानून का उल्लेख है। आधुनिक टाइम्स के ब्यूरो चीफ अभिषेक सिंह ने गणतन्त्र (गण+तंत्र) का क्या अर्थ है को समझाया, जनता के द्वारा जनता के लिये शासन। आज के दिन स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना बेहद जरूरी है, क्योंकि उन्‍हीं की बदौलत आज हम सब आजाद हैं। हमारे देश के महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों जैसे भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री, महात्मा गांधी एवं अनगिनत देशभक्‍तोंं ने ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लिया और अपनी जान की कुर्बानी देकर हमें आजादी दिलाई। हम अपने देश के प्रति उनके बलिदान को कभी नहीं भूल सकते हैं। यह सिर्फ उनके कारण ही संभव हो पाया है कि हम अपने राष्ट्र में स्वतंत्र रूप से रह रहे हैं।

व्यायाम प्रशिक्षक राजेश बाबू कटियार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि आजादी के इतने वर्षों के बाद भी हम आज अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा जैसी समस्याओं से लड़ रहे हैं। अब समय आ गया है कि हमें दोबारा एक साथ मिलकर अपने देश से इन बुराइयों को बाहर निकाल फेंकना होगा। हमें अपने भारत देश को एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना होगा। हमें अपने भारत देश की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता, आदि को अच्छी तरह समझना होगा और इनका हल निकालना होगा। आइये हम सब प्रतिज्ञा लें कि हम इसी तरह देश की एकता और अखंडता को बनाए रखेंगे और देश के विकास में बढ़-चढ़ कर योगदान देंगे।

प्रधान प्रतिनिधि कुलदीप सिंह ने विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय आने  के लिए कहा और विद्यालय में जल्द ही फर्नीचर उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया है। प्राथमिक विद्यालय निनायाँ प्रथम सरवनखेड़ा में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत दीप्ती कटियार ने गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के बीच क्या अंतर है के सम्बंध में बच्चों को बिंदुवार निम्नवत जानकारी दी-

26 जनवरी और 15 अगस्त दोनों ही राष्ट्रीय पर्व हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस कहा जाता है और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कहा जाता है।

15 अगस्त के अवसर पर झंडे को नीचे से रस्सी द्वारा खींचकर ऊपर ले जाया जाता है, फिर खोलकर फहराया जाता है, अंग्रेजी में इसे Flag Hoisting (ध्वजारोहण) कहा जाता है। जबकि 26 जनवरी के अवसर पर झंडा ऊपर ही बंधा रहता है, जिसे खोलकर फहराया जाता है, अंग्रेजी में इसे Flag Unfurling (झंडा फहराना) कहा जाता है।

प्रधानमंत्री देश का राजनीतिक प्रमुख होता हैं। 15 अगस्त, 1947 में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने लाल किले पर ध्वजारोहण किया था, तब से प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त 1947 को यहाँ पर ध्वजारोहण किया जाता है। राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होता है। देश का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था, देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने इसी दिन राजपथ पर झंडा फहराया था, इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को राष्ट्रपति राजपथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।

15 अगस्त पर परेड का आयोजन नहीं होता है, जबकि 26 जनवरी पर लंबी परेड होती है, तीनों सेनाएं जल, थल और नभ में अपनी सैन्य ताकत और संस्कृति की झलग का प्रदर्शन करती हैं।

15 अगस्त में बाहर से किसी मुख्य अतिथि को बुलाने की परंपरा नहीं है, जबकि 26 जनवरी में किसी न किसी राष्ट्राध्यक्ष को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया जाता है, इस बार 26 जनवरी (26 January) को भारत के मुख्य अतिथि ब्राजील (Brazil) के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) हैं।

इस मौके पर अनुपम देवी, प्रतिभा कटियार, दीप्ती कटियार, मीनाक्षी पासी, पंकज कटियार, अमित सचान, राजेश बाबू कटियार, आशा पाल, ग्राम प्रधान कमला देवी, कुलदीप सिंह, धीरेंद्र सिंह, अभिषेक सिंह, विकास, भूरे सिंह, जय बहादुर सिंह एवं सैकड़ों ग्रामवासी मौजूद रहे।

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