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पशुधन विकास योजनाओं में लापरवाही पर होगी कार्यवाही

महिला समृद्धिकरण, पशु पालन योजनाओं को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पशुधन विकास समिति की बैठक संपन्न हुई।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि पशु विभाग में जो भी योजनाएं संचालित हैं उसका एक विवरण तैयार कर समिति के समक्ष रखें और पशुधन विकास समिति का नोडल उपायुक्त एनआरएलएम को बनाया जाए। वह समीक्षा कर अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का शत-प्रतिशत अनुपालन धरातल पर होना चाहिए। यह जनपद नीति आयोग में चयनित है। यहां पर बहुत कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अपर जिला अधिकारी से संपर्क कर चारागाह की जमीन को चिन्हित करें। पशु विभाग की योजनाओं की समीक्षा सप्ताहिक बैठक में कराई जाए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा छोटे पशुपालकों को मदद करने के लिए बकरी, भेड़, सूकर पालन की योजना चलाई गई है। इसके अलावा महिला समृद्धिकरण योजना भी लागू की गई है। जिसमें महिलाओं के समूह को प्रशिक्षण दिया गया है।
मुर्गी पालन के लिए एक हजार समूहों को लाभान्वित कराया जाना है। जिलाधिकारी ने कहा कि लाभार्थियों का चयन कैसे किया जाना है। जिसमें मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आजीविका मिशन से तीन सौ समूह लिए गए हैं। ग्रामों के माध्यम से भी आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। जिसके आधार पर चयन कर योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से कहा कि गौशाला के संचालन में जो कमियां हैं उन्हें तत्काल पूरा कराएं। भरण पोषण की पत्रावली लंबित है उनका भुगतान कराया जाए तथा जो पशुओं का टैग किया गया है उसी के आधार पर भुगतान हो। जिन पशुओं का टैग नहीं किया गया है उनकी तत्काल टैगिंग करा दिया जाए। टैगिंग पशुओं की गांववार फीडिंग भी कराकर वृहद गौशाला के संचालन के लिए प्रस्ताव शासन को भेजें। उपायुक्त आजीविका मिशन से कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाएं और स्थाई गौशाला का संचालन कराए जाए। गौशालाओं पर समूह का बोर्ड भी लगे। यह जनपद स्तर पर नई पहल होगी। इस पर कार्य कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पशुधन सेक्टर एवं कुक्कुट क्षेत्र के समावेशी विकास के दृष्टिगत लघु पशु विकास, कुक्कुट विकास, चारा एवं चारागाह विकास एवं पशुधन सुरक्षा तथा अन्य संबंधित योजनाओं पशुधन प्रसार पशु प्रजातियों का संरक्षण आदि को एकीकृत करते हुए नेशनल लाइव स्टॉक मिशन की स्थापना की गई है। इस योजना का लाभ जनपद के पात्र लोगों को दिलाया जाना है। इस पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। ताकि लोगों को लाभ मिल सके। योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा महेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ केपी यादव, उप निदेशक कृषि टीपी शाही, जिला पंचायत राज अधिकारी राजबहादुर, उपायुक्त एनआरएलएम राम उदरेज यादव, जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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