Latest News

नहर विभाग के सितम से किसानों में हाहाहाकार

पूरी पांसाल से पानी छोड़े जाने पर 200 बीघा खेत जलमग्न 
मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल किसानों का गुस्सा देख वापस लौटे 
शुक्रवार को पूरा दिन खेतों का पानी निकालने में डटे रहे किसान 
धान की कटी रखी फसल और बोया गया गेहूं हुआ बर्बाद 

अतर्रा, कृपाशंकर दुबे । केन कैनाल अलिहा रजबाहा पुल के पास से केसरूवा, प्रेमपुर, अंगद पुरवा, दरगाही पुरवा, बांसी, मसूरी, दर्जनों गांव में गुरुवार की देर रात नहर विभाग द्वारा पानी छोड़ने से तबाही मच गई। किसानों की खेतों पर कटी धान की फसल एवं बोई गई, गेहूं की फसल में लबालब पानी भर गया। शुक्रवार को दूसरे दिन किसान लगातार खेतों में भरा पानी निकालने में डटे रहे। सूचना पर पहुंचे हल्का लेखपाल सर्वेश कुमार ने किसानों का गुस्सा देखा तो वहां से भाग निकलने में ही भलाई समझी। 
खेतों में भरा पानी निकालते किसान 
ज्ञात रहे केन कैनाल खुरहंड ब्रांच आलिया रजबहा के पास से फुल पंसार छोड़े गए गुरुवार देर रात दो बजे नहर का पानी पटरियों के ऊपर से खेतों की मेड़ों के ऊपर से लगभग 200 बीघे खेत को लबालब करते हुए दूर बसे अंगद पुरवा आदि सहित पुरवा में जा घुसा। गुरुवार को सुबह किसानों के खेतों में जलभराव होने से हाहाकार मच गया। महिलाएं पुरुषों बच्चों सहित सभी लोग अपनी डूबी हुई फसल को बचाने को लेकर मशक्कत शुरू कर दी, दूसरे दिन तक खेतों पर जलभराव बना रहा, कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा, किसानों का आक्रोश सरकार के प्रति दिखा, अंगद पुरवा की सरोज पत्नी दयाराम, विमला, गायत्री, आदि ने दुखड़ा रोते हुए खेतों में भरे पानी पर
पानी में डूबी बर्बाद धान की फसल दिखाते अन्नदाता 
धान की कटी फसल को दिखाया तथा मुआवजे की मांग करती रही। किसान प्रेमपुर निवासी, भूपत, शिवकुमार, रमेश, रमैया, ओम प्रकाश, रामप्रताप, जागे, लल्लू, श्याम, रानू तथा  अंगद पुरवा के निवासी राजा भैया, केसरी प्रसाद, अनिल कुमार, रामस्वरूप, लालाराम, जग प्रसाद, धर्मेंद्र, जगन्नाथ, रामप्रताप, राजकरण, विनोद, दादूराम, गोरेलाल, कल्लू चाचा, गुलाब सिंह, हरप्रसाद एवं ग्राम मुरवा के निवासी रामसिया, अशोक, राजकुमार, राजोला, आदि सहित आधा सैकड़ा किसानों ने केन कैनाल के द्वारा नहर में सिल्ट की सफाई न करवा कर बेमौसम में नहर का पानी छोड़कर फसल बर्बाद करने का आरोप लगाया है। दूसरे दिन शुक्रवार को कोई भी विभागीय अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचा लेकिन किसानों का क्रोध तथा मीडिया को देखकर भाग निकला। 

No comments