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बनी मण्डियां हुई खण्डहर, खडे हो गये जंगल

बुन्देलखण्ड की बदहाली के लिये मिला पैकेज, 
हमीरपुर, महेश अवस्थी । हदहाली से जूझ रहे बुन्देलखण्ड के हमीरपुर जिले में विकास के नाम पर सैकड़ों करोड़ की लागत से बनाई गई गांव गांव में गल्ला मण्डियां जो चालू होने के पहले ही खण्डहर में तब्दील हो गई हैं। मण्डी स्थल में जंगल खड़ा हो गया है। एक मण्डी तो 100 करोड़ की लागत से बनी है। जबकि 23 मण्डियों में प्रत्येक की लागत दो करोड़ से ऊपर है। बुन्देलखण्ड इलाके का बिवांर थानाक्षेत्र के धनपुरा गांव में 100 एकड़ की जमीन में 100 करोड़ की लागत से विशिष्ठ मण्डी बनवायी गयी। बुन्देलखण्ड पैकेज का पैसा केन्द्र ने भेजा और प्रदेश के सरकार ने उसको हिल्ले लगा दिया। बीहड़ इलाके में यह आलीशन मण्डी 2017 में बनकर इसी साल मण्डी समिति को हैण्डओवर भी कर दी गई। मगर इसका संचालन आज तक नहीं हो सका। जबकि तीन साल का अर्सा बीत गया है। हालत यह है कि करोड़ों की लागत से बनी मण्डल जगल में तब्दील हो गई है और

जानवरों का यहां डेरा है। लोगों का तर्क यह है कि इस इलाके में बीते डेढ़ दशक से किसान भूखा है। बेहाल है, क्योंकि कभी सूखा, कभी बाढ़ बारिश, ओला वृष्टि से फसल नहीं हुई। अन्न पैदा करने वाला अन्नदाता जब खुद भूखा है तो बेंचेगा क्या। इस इलाके में पानी के संसाधन बनाने की जरूरत थी, मण्डी की कतई जरूरत नहीं थी। बुन्देलखण्ड पैकेज में बनी यहां की मण्डियां अब बर्बादी के कगार पर पहुंच गई हैं। पौथिया की मण्डी का संचालन आज तक नहीं हुआ। मगर पिछली सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि इन मण्डियों को बनाने की क्या आवश्यकता था। जिले के अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। प्रभारी मंत्री रविन्द्र जैसवाल को जब इसकी जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि वे अगले दौरे पर इन मण्डियों का निरीक्षण करेंगे। बुन्देलखण्ड की बदहाली को लेकर भारी भरकम पैकेज दिया गया। मगर उसका क्या हाल हुआ यह सबके सामने है।

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