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डीएम ने शपथ दिलाकर मताधिकार का बताया महत्व

छात्राओं ने बनाई मतदाता जागरूकता की रंगोली
नुक्कड़ नाटक के जरिये स्वतंत्र, निष्पक्ष व निर्भीक मतदान के बारे में बताया

फतेहपुर, शमशाद खान । दसवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सशक्त लोकतंत्र के लिए मतदाता साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट स्थित गांधी मैदान में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव सिंह ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विद्यालय/महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा मतदाता जागरूकता की बनाई गयी रंगोली का अवलोकन कर भूरी-भूरी सराहना की। जिलाधिकारी ने आये हुए विभिन्न बोर्डो के विद्यालयों, महाविद्यालयों के छात्र/छात्राओ को संबोधित करते हुए कहा कि छात्राओ द्वारा जमीन पर मतदाता की महत्ता को रंगोली के माध्यम से उकेरा है काफी सराहनीय है। छात्र/छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वतंत्र, निष्पक्ष, बिना किसी प्रलोभन, निर्भीक मतदान के बारे में दिखाया गया। 
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का गठन 25 जनवरी 1950 को हुआ था। इसलिए आयोग ने वर्ष 2011 से 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। चुनाव प्रक्रिया में मतदाता सबसे महत्वपूर्ण हित धारक होता है। अपने प्रमुख कार्यक्रम सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचन भागीदारी स्वीप के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के संगठित प्रयासों से हमारी उम्मीद बढ़ी हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का एक विशिष्ट समारोह है क्योंकि यह भारत निर्वाचन आयोग के यसस्वी 70 वर्ष और राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाये जाने के 10 वर्ष पूर्ण होने का सूचक है। यह समारोह हममें से प्रत्येक भारतीय नागरिक को दिए गए वयस्क मताधिकार के संवैधानिक अधिकार की याद दिलाता है चाहे उसका धर्म जाति समुदाय भाषा क्षेत्र या सामाजिक आर्थिक स्थिति कुछ भी क्यों ना हो। इस दिन जहां हम एक
छात्र-छात्राओं को मतदान की शपथ दिलाते डीएम संजीव सिंह।
और लोकतंत्र के प्रति अपने भरोसे को जाहिर करते हैं, वहीं दूसरी ओर देश की लोकतांत्रिक परंपरा तथा स्वतंत्र निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन की शुचिता बनाए रखने के अपने संकल्प को और मजबूत करते हैं। राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं विशेष रूप से नए मतदाताओं के नामांकन को प्रोत्साहित करना उन्हें सुविधा प्रदान करना और उनका अधिक से अधिक नामांकन कराना है। इस दिन का उपयोग निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए मतदाताओं के बीच जागरूकता उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। विशेष रूप से मतदाताओं को निरंतर बड़े होते परिवार में शामिल होने के लिए अभिनंदन करते हैं। मतदाता की भागीदारी निर्वाचक नामावली में रजिस्ट्रेशन के साथ शुरू होती है तथा मतदान के दिन मत देने के अधिकार का प्रयोग करने के साथ पूर्ण होती है। लोकतंत्र में प्रत्येक महत्व है भारत निर्वाचन आयोग ने सभी श्रेणियों के मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने तथा निर्वाचनों को जागरूक, समावेशी, सुगम, नीतिपरक और सहभागी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2020 के अवसर पर प्रत्येक जनपदवासियों को हृदय से बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने कहा कि नुक्कड़ नाटक, रंगोली के माध्यम से छात्र/छात्राओं ने जो मतदाता जागरूकता कार्यक्रम किये है वह काफी सराहनीय है। आप लोग सभी निर्वाचनों में निर्भीक, निडर होकर मतदान करें। अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी पप्पू गुप्ता ने कहा कि राज्यो में कार्यरत आयोग की टीमो ने टेक्क्रोलाजी का बेहतर इस्तेमाल करते हुए वोटर हेल्पलाइन एप, सेवा मतदातों के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाक प्रेषित डाक मतपत्र प्रणाली के साथ-साथ 80 वर्ष से अधिक के मतदाताओं चिन्हित दिव्यांग मतदाताओं और अनिवार्य सेवाओं में तैनात मतदाताओं को पोस्टल मतपत्र की सुविधा प्रदान करके मतदान के अनुभव को सहज एवं सुगम बनाया है। 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के जो भी पात्र नागरिक अभी तक अपने आपको नामांकित नहीं करवा पाए है उनका आहवान करते हुए कहा कि वह पंजीकरण करवाने के लिए आगे आए और सभी भावी निर्वाचन में पूरे मन से भाग ले। जिला विद्यालय निरीक्षक महेन्द्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं उपस्थित छात्र/छात्राओ, अध्यापकों को कार्यक्रम सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस मौके पर अपर उप जिलाधिकारी विनय कुमार गुप्ता, अपर उप जिलाधिकारी प्रियंका, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मतदाताओं द्वारा ली गयी शपथ
‘‘हम भारत के नागरिक लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्य रखते हुए, निर्भीक होकर धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनो में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।’’

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