Latest News

राजस्व विभाग की टीम ने तालाब का किया निरीक्षण

फतेहपुर, शमशाद खान । ऐतिहासिक तालाब की खुदाई एवं क्षतिग्रस्त करने की शिकायत को लेकर उप जिलाधिकारी बिन्दकी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तालाब की पैमाइश की। 
विकास खण्ड देवमई की ग्राम पंचायत जाफरपुर सिठर्रा के अंतर्गत आने वाले लाल बिहारा ऐतिहासिक तालाब जिसकी सिल्ट सफाई हेतु ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा से माह जुलाई व अगस्त 2019 में एक लाख पचहत्तर हजार की धनराशि खर्च कर कराई गई थी। जिसकी शिकायत उप जिलाधिकारी बिन्दकी प्रहलाद सिंह को मिली कि
तालाब का निरीक्षण करती राजस्व विभाग की टीम।
उपरोक्त ऐतिहासिक तालाब से भारी मात्रा में मिट्टी का खनन कर सीढ़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। शिकायत पर शुक्रवार को उप जिलाधिकारी के निर्देशन पर राजस्व विभाग की टीम के नायब तहसीलदार बिन्दकी संतोष कुमार कुशवाहा, कानूनगो हरिश्चंद्र एवं लेखपाल सुनील कुमार की टीम ने मौके पर लाल बिहारा तालाब जाकर तालाब की पैमाइश की। पैमाइश में टीम ने पाया कि तालाब की उत्तरी व दक्षिणी भुजा 65 मीटर तथा पूर्व पश्चिम 56 मीटर है। जिसमें लगभग 2 मीटर गहराई से मिट्टी निकाली गई है। नायब तहसीलदार के अनुसार लगभग 7280 घन मीटर मिट्टी का खनन किया गया है। तालाब की सीढ़ियों एवं बाउंड्री को किसी भी प्रकार से क्षति नहीं पहुंचाई गई। इस संबंध में पूर्व प्रधान सुरेश चंद्र उत्तम ने बताया कि गांव में कोई प्लाटिंग नहीं हुई है और न ही मेरे पास कोई प्लाट है। जिसकी में पुराई कराता आरोप निराधार है। यह आरोप राजनीति से प्रेरित है पूंछे जाने पर वर्तमान प्रधान राजकली गिहार ने नायब तहसीलदार से बताया कि पांच छह दिन पूर्व मैने इस तालाब की सफाई कराई थी। अब उसके बाद मिट्टी कौन निकाल ले गया उनकी जानकारी में नहीं है।

No comments