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Wednesday, January 22, 2020

ताम्बेश्वर चौराहे में गहराता जा रहा प्रतिमा स्थापना का विवाद

दूसरे पक्ष ने डीएम, एसडीएम व चेयरमैन प्रतिनिधि को फिर सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर, शमशाद खान । ताम्बेश्वर चैराहे का नामकरण व प्रतिमा स्थापना का विवाद गहराता ही जा रहा है। जहां एक पक्ष ने नगर पालिका बोर्ड की बैठक का हवाला देते हुए इस चैराहे पर कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा स्थापित कर दी है। वहीं दूसरा पक्ष इस चैराहे पर नन्दी की प्रतिमा लगवाने की जिद पर अड़ा हुआ है। बुधवार को दूसरे पक्ष के लोगों ने जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी व चेयरमैन प्रतिनिधि ने एक बार फिर से मुलाकात करते हुए नन्दी की प्रतिमा स्थापित करवाये जाने की मांग की। जिस पर अधिकारियों का कहना रहा कि मामले की जांच करायी जायेगी और दोनों पक्षों के साथ बैठक करके मामले का निस्तारण किया जायेगा। उधर चेयरमैन प्रतिनिधि का कहना रहा कि यदि बोर्ड की बैठक में पुनः प्रस्ताव आया तो इस पर विचार किया जायेगा। 
जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी को दिये गये ज्ञापन में स्थानीय लोगों का कहना रहा कि आस्था का केंद्र तांबेश्वर मंदिर के चैराहे को जो कि तांबेश्वर चैराहा के नाम से प्रख्यात रहा है कुछ कतिपय कारणों से उक्त चैराहे का नाम कर्पूरी ठाकुर जी के नाम का प्रस्ताव पारित हुआ था। जोकि आस्था के केंद्र के साथ खिलवाड़ करने का काम किया गया था। समूचे जनपद की विशेषताओं में शुमार तामेश्वर मंदिर स्थित चैराहे को तांबेश्वर चैराहा या नंदी
डीएम को ज्ञापन देने जाते स्थानीय बाशिन्दे।  
चैराहा या ओम चैराहे के नाम से ही जाना एवं पहचाना जाना चाहिए। साथी नंदी जी की मूर्ति स्थापना की जानी चाहिए। कहा गया कि कर्पूरी ठाकुर जी मूर्ति स्थापना बगैर शासन की जानकारी दिए स्थापित करना स्वयं कर्पूरी ठाकुर के सम्मान के साथ कुछ जातिगत लोगों ने खिलवाड़ करने का काम किया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सा सम्मान जननायक कर्पूरी जी की प्रतिमा की स्थापना किसी अन्य चैराहे पर शासन स्तर से अनुमति लेने के बाद स्थापित करना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि एवं सम्मान होगा। इस पर अधिकारियों का कहना रहा कि मामले की जांच करायी जायेगी। इतना ही नहीं पुलिस उपाधीक्षक के साथ दोनों पक्षों को बैठाकर वार्ता करके मामले का निस्तारण कराने का प्रयास किया जायेगा। उधर चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रजा ने कहा कि बोर्ड की बैठक में पारित हुए प्रस्ताव के चलते ही कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा स्थापित की गयी है। यदि आस्था का सवाल है तो यदि बोर्ड की बैठक में पुनः प्रस्ताव आया तो इस पर विचार अवश्य किया जायेगा। इस मौके पर प्रसून तिवारी, मनोज मिश्रा, डॉ जीतेंद्र मोहन शुक्ला, वीरेंद्र मिश्रा, किशन शुक्ला, नीरज यादव समेत अन्य युवा साथी मौजूद रहे।

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