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सत्ता पक्ष के नेता ने ही अवैध मौरंग खनन पर उठायी उंगली

अढ़ावल मौरंग घाट के भूखण्ड 10 में शासन की मंशा को रही तार-तार
योगी सरकार के चुनौती साबित हो रहा अवैध खनन 

फतेहपुर, शमशाद खान । प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौरंग घाटों में अवैध खनन को रोके जाने के लिए कड़े कदम उठाये थे। सीएम के निर्देश पर कई मौरंग खदानांे पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई भी की गयी थी। इसके बावजूद घाटों पर अब भी अवैध खनन जोरों पर जारी है। प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद सत्ता पक्ष के ही एक नेता ने अढ़ावल मौरंग घाट पर चल रहे अवैध खनन पर उंगली उठाते हुए इसे तत्काल बंद कराये जाने की मांग की है। अवैध खनन अब योगी सरकार के लिए चुनौती साबित होता जा रहा है। आने वाले समय में इस पर लगाम लगेगी या नहीं यह तो समय बतायेगा। 
भारतीय जनता पार्टी के बहुआ मण्डल अध्यक्ष सुधीर मिश्र ने दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर बताया कि विकास खण्ड असोथर के ग्राम अढ़ावल स्थित भूखण्ड संख्या
डीएम को ज्ञापन देने जाते भाजपा मण्डल अध्यक्ष व ग्रामीण। 
10 में नियम विरूद्ध अवैध तरीके से एक दर्जन पोकलैण्ड मशीनों के द्वारा रात दिन शासन की मंशा के विपरीत बीच जलधारा से गहरी खुदाई करके मौरंग निकाली जा रही है। जिसकी सूचना कई बार जिला खनन अधिकारी को दी गयी। लेकिन अधिकारी की मिलीभगत से आज तक कार्रवाई नहीं की गयी। जिससे पर्यावरण और गांव के लोगों को खतरा बना हुआ है। भाजपा मण्डल अध्यक्ष का कहना रहा कि खण्ड में कांटा दिखावटी लगे हुए हैं जबकि ओवर लोडिंग भी निरंतर जारी है। श्री मिश्रा ने यह भी बताया कि खनन स्थल पर भारी मात्रा में वैध/अवैध असलहाधारी अपने असलहों का प्रदर्शन भी करते रहते हैं। जिससे लोगों में भय बना व्याप्त है। ग्रामीण अपने घरों में दुबके रहते हैं। उन्होने तत्काल सक्षम अधिकारी से जांच कराकर कठोर कार्रवाई किये जाने की मांग की। इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष के अलावा सत्यम बाजपेयी, कुलदीप सिंह, प्रेमनारायण, रावेन्द्र निषाद, बृजेन्द्र सिंह, धीरेन्द्र सिंह, राम सजीवन, अखिलेश तिवारी, छोटू गुप्ता, रामस्वरूप निषाद, राम महेश निषाद, सोहनलाल सोनकर, आशा राम, सुनील सोनी, ओम प्रकाश तिवारी, अरविन्द तोमर, सुरेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे। भाजपा मण्डल अध्यक्ष द्वारा लगाये गये आरोपों को यदि सत्य माना जाये तो यह प्रदेश की योगी सरकार के लिए कड़ी चुनौती है। क्योंकि पूर्व की सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए अवैध खनन को लेकर भाजपा नेताओं ने आरोप-प्रत्यारोप लगाकर सपा सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम किया था। सपा सरकार के दौरान हुए अवैध खनन की जांच में कई अधिकारी व नेता आज भी जांच के दायरे से गुजर रहे हैं। योगी सरकार में भी अवैध खनन जोरों पर है। क्या आने वाले समय में खनन से जुड़े अधिकारियों व नेताओं पर गाज गिरेगी या नहीं यह एक बड़ा प्रश्न भी है। 

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