Latest News

देश प्रथम या राजनीति

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
(वरिष्ठ पत्रकार)

भारतवर्ष में जिस तरह नागरिकता संशोधन पल पर हल्ला मचा रखा है उससे लगता है कि राजनीतिक दल देश हित में कम अपनी राजनीतिक में अधिक रुचि रखते हैं। आज सरकार द्वारा चाहे केंद्र की सरकार हो चाय प्रदेश की भाजपा शासित राज्य वहां पर नागरिकता संशोधन बिल पर घर घर जाकर बताने का जो बात बताई जा रही है तथा लोगों को समझाया जाता है यह पहल गैरभाजपा शासित राज्य भी नागरिकता संशोधन बिल को समझे वालों से बताने का काम करें नाक की दुश्मनी का बीज वह का देश के कानून को तोड़ने की सीख क्षेत्रीय दल से नागरिकों को बचना चाहिए क्योंकि वह लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए आपको देश को गर्त में डालने का काम कर रहे हैं आज जिस तरह पाकिस्तान में सिख पत्रकार के भाई की हत्या हुई उससे स्पष्ट हो गया है पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का रहना बहुत मुश्किल है क्योंकि वहां पर आए दिन इस तरह की वारदातें होती है वहां रहने वाले अनशन के ऊपर क्यों नाम की अल्पसंख्यक है जिनको पाकिस्तान में उनका जीवन नर्क बना रखा है उनसे यहां के रहने वालों को जो लोग दंगा फसाद कर रहे हैं जिन्हें भारत में अल्पसंख्यकों के नाम से जाना जाता है आप सोच ले पाकिस्तान औरभारत में कितनी आजादी है और पाकिस्तान में क्या अल्पसंख्यक ओ का

हाल है। पर यहां पर जिस तरह बोला जाता है वह सिर्फ एक धारणा बना रखी है हमें आपने एक दूसरे से ईसफे लाने का काम नेता करते हैं, आजकल नवजोत सिंह सिद्धू हम नहीं दिखाई देते हैं जो कहते थे मेरा यार इमरान खान पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बन गया है अब उनकी आवाज नहीं दिखाई देती है कि वही पाकिस्तान में किस तरह सिखों का उत्पीड़न हो रहा है वही इमरान है जिन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को लड़की जीवन जीने के लिए मजबूर कर दिया है। क्यों उनके बाहुबली और शक्ति के आगे वाक्य संख्या कुछ नहीं कर सकते हैं बहन बेटियों को धर्म परिवर्तन कराया जाता है इज्जत लूटी जाती है यह सब पाकिस्तान में होता चला आ रहा है और आप वहां जाकर पाकिस्तान के गुण गाने और भारत के मुखिया की बुराई करते हैं आज इस पर आपको होली की जरूरत है पाकिस्तान और दो मुहा सांप है तो दोनों तरफ चलता है उस पर विश्वास करना अपने को धोखा देने के बराबर है। जेएनयू में जिस तरह के छात्र हंगामा काट रहे हैं वास्तव में एक बहुत बड़ी सूची सूची ही राजनीतिक लोगों का हाथ है परंतु चाहते इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं चलिए कुछ राजनीतिक दल भड़का रहे हैं, नागरिकता संशोधन बिल में विजय न्यू द्वारा बवाल किया जा रहा था ताज विजय श्री जीवनी हुए हैं दो गुटों के आपस में जिस तरह से झगड़े हुए हैं वास्तव में यही है शिक्षा के नाम से कलंकित करने वाला कॉलेज जेएनयू बन चुका है।

No comments