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Wednesday, January 29, 2020

सीएए व एनआरसी को लेकर जनपद में बन्द का मिला जुला रहा असर

बहुजन क्रांति मोर्चा समेत 10 संगठनों ने देश व्यापी बन्द को दिया समर्थन
कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा एलर्ट, कई थानों की फोर्स रही मुस्तैद
ज्ञापन भेजकर सरकार से कानून वापस लेने की मांग

फतेहपुर, शमशाद खान । केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून बनाये जाने को लेकर किये जा रहे विरोध थमने का नाम नही ले रहा है। दिल्ली के शाहीन बाग समेत देशभर के एक सैकड़ा से अधिक स्थानों में सीएए के विरुद्ध प्रदर्शन जारी है। जिसके क्रम में बहुजन क्रांति मोर्चा समेत लगभग एक दर्जन संगठनों के आह्वान पर बुधवार को बुलाये गये भारत बंद के तहत जनपद में मिला जुला असर देखने को मिला। नगर क्षेत्र में चैक, लाला बाजार समेत अन्य व्यवसायिक क्षेत्रो में लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। वहीं कई जगह बाजार रोज की तरह खुले रहे। बहुजन क्रांति मोर्चा की अगुवाई में लोग लाला बाजार मैदान में एकत्र हुए और एनआरसी व सीएए वापस लिए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। धरने में बड़ी संख्या में बहुजन समाज के अलावा
लाला बाजार के मैदान में सीएए व एनआरसी को लेकर प्रदर्शन करते लोग।
मुस्लिम समुदाय की महिलाएं एवं बच्चे शामिल हुए। धरने को लेकर पहले से ही पुलिस सचेत रही। अन्य जनपदों में हुए बवाल को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा द्वारा क्षेत्राधिकारी नगर कपिल देव मिश्रा की अगुवाई में नगर, गाजीपुर, मलवां, थरियांव, असोथर, महिला थाना, एलआईयू व अन्य खूफिया एजेंसियां समेत भारी पुलिस बल को मुस्तैद कर दिया गया था। धरने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर धरना दे रहे लोगो को समझाने बुझाने में लग गए। इस दौरान काफी गहमा गहमी का माहौल रहा। कई बार पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों में तीखी बहस भी हुई। एसडीएम सदर प्रमोद कुमार झा ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन लेने के बाद उन्हें समझा बुझाकर अपने अपने घर लौटने की अपील की। इस दौरान पुलिस ने धरना दे रहे लोगो को हटाकर दरी व झंडे बैनर को कब्जे में लेकर किसी तरह लोगो को धरनास्थल से हटाया। धरना दे रहे लोगो ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा सीएए कानून देश के संविधान के विपरीत एवं लोगो को आपस मे बांटने वाला है। सरकार तीन देशों के लोगो को नागरिकता देने के साथ ही देश के मुसलमानों को एनआरसी के जरिए परेशान करेगी। उन्होने सरकार से भेदभाव वाले कानून को वापस लिए जाने की मांग किया। बन्द का समर्थन कर रहे संगठनों में भीम आर्मी, इम्पा, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, राष्ट्रीय किसान मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, मजदूर संघ, बहुजन मुक्ति पार्टी समेत अन्य दल शामिल रहे। इस मौके पर शिवकुमार, हिमांशु पटेल, मेवालाल पटेल, शिवकुमार लोधी, इन्द्रसेन, फूल सिंह लोधी, डॉ अमित पाल, तरन्नुम परवीन समेत लगभग लगभग पांच सैकड़ा से अधिक महिलाएं एवं बच्चे मौजूद रहे।

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