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Thursday, January 23, 2020

लकवा से ग्रस्त जगदीश ने मांगी इच्छा मृत्यु

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा पत्र 

अतर्रा, कृपाशंकर दुबे । मतदाता जागरूकता अभियान हो या सबको सुलभ स्वास्थ्य जैसी अनेकों सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों के द्वार तक पहुंचाने का दम भरती सरकारें आती और जाती हैं लेकिन हालात कमोबेश वही बने रहते हैं। वास्तविक पात्र ब्यक्ति आज भी मूलभूत सुविधाओं से मरहूम है। नगर के अंबेडकर नगर जाटव मुहाल में रहने वाला एक युवक पूरी तरह से शारीरिक अक्षमता के कारण नर्क बन चुके जीवन से
असहाय जगदीश
ऊबकर राष्ट्रपति सहित प्रधानमंत्री व अधिकारियों को पत्र भेज इच्छा मृत्यु की मांग की है।
नगर के अंबेडकर नगर जाटव मोहल्ला निवासी जगदीश पुत्र छेदीलाल ने राष्ट्रपति प्रधानमंत्री सहित अधिकारियों को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु मांगी है। पत्र में दिव्यांग युवक ने कहा है कि वह पिछले 12 वर्षों से चारपाई पर लेटा हुआ है। उसे 14 साल पहले लकवा मार गया था, जिससे शरीर ने काम करना बंद कर दिया है। वर्तमान में केवल एक ही हाथ काम करता है। ऐसी हालत में जगदीश पिछले 12 सालों से चारपाई पर लेटा हुआ है। बड़ी बात यह है कि जगदीश के पास ना तो रिश्तेदार हैं ना कोई सहारा। अतर्रा में संचालित रोटी बैंक से एक टाइम का भोजन मिल जाता हैं। जबकि एक टाइम का भोजन मोहल्ले के लोग दे देते है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तमाम दावों के बावजूद आज तक उसका न तो निर्वाचन कार्ड बन सका और ना ही आधार कार्ड। राशनकार्ड भी नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी कोई लाभ हो या फिर विकलांग पेंशन यह तो मिला ही नहीं किसी जिम्मेदार अधिकारी तक उसकी पीड़ा भी नहीं पहुंच सकी। कई बार जगदीश का कच्चा मकान जिसमें वह लेटा है, वह जीर्ण शीर्ण अवस्था में है जो कभी भी गिर सकता है। जगदीश की  जिंदगी किसी नर्क से कम नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि क्या बीएलओ कभी जगदीश के घर नहीं आया ? प्रशासनिक उपेक्षा का आलम देखने लायक है। एक व्यक्ति जिंदा होकर भी जिंदा नहीं है। पिछले 12 साल से वह नारकीय जीवन जी रहा है, जिसकी कल्पना मात्र से ही शरीर में सिहरन दौड़ जाती है। इस संबंध में अतर्रा एसडीएम सौरभ शुक्ला ने कहा कि जानकारी मिली है, सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा। लेकिन सबसे अहम प्रश्न यह है कि तमाम अभियानों दावों के बाद भी सुविधाओं की एक किरण भी जगदीश तक क्यों नहीं पहुंची।

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