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मोबाइल लुटेरे गैंग के आगे पुलिस हुई नतमस्तक

खुलासा करने में सर्विलांस टीम व साइबर सेल नाकाम
लूट के शिकार लोगों से मोबाइल खोने की बदलवाई जाती तहरीर

फतेहपुर, शमशाद खान । मोबाइल पर बात करना भी आम आदमी के लिये जी का जंजाल साबित हो रहा है। फोन पर बात करते समय बाइक सवार लुटेरों के सक्रिय गैंग द्वारा लोगों से भीड़भाड़ वाले चैराहों से मोबाइल छीनने की वारदात थमने का नाम नहीं ले रही। लगभग पन्द्रह दिनों के अंदर शहर के अंदर भीड़भाड़ वाले इलाके बाकरगंज, बिंदकी बस स्टॉप, वर्मा चैराहा, आईटीआई रोड सहित एक दर्जन जगहों पर मोबाइल छिनैती की वारदातें हो चुकी है। लेकिन मोबाइल लुटेरों का कोई सुराग लगाने की जगह शिकायतकर्ता से तहरीर बदलवाकर मोबाइल गिरने की तहरीर ली जाती है। मोबाइल फोन लुटेरों का गैंग जनपद में काफी समय से अपनी उपस्थिति दर्ज तो करवा चुका था। लेकिन लगभग पन्द्रह दिनों से तेजी से सक्रिय हुए गैंग ने लोगो के हाथों से मोबाइल छीनने की एक दर्जन से अधिक बारदात को अंजाम देकर पुलिस को सीधी चुनौती पेश कर दी। तेज
रफ्तार बाइक सवार लुटेरों द्वारा भीड़भाड़ की परवाह किये बिना मोबाइल से बात कर रहे लोगो को निशाना बनाया जाता है। किसी भी तरह की घटना से अंजान फोन पर लोग बात कर रहे होते है तभी बाइक पर सवार लुटेरे आते है और बाइक पर पीछे बैठा युवक तेजी से झपट्टा मारकर मोबाइल छीन लेता है और देखते ही देखते बाइक सवार लुटेरे आंखों से ओझल हो जाते है। वहीं मोबाइल लूट का शिकार हुए लोग या तो शिकायत दर्ज करवाने जाते ही नही है यदि जाते भी है तो कोतवाली पुलिस उन्हें तहरीर बदलकर आने की नसीहत देते हुए बैरंग वापस कर देती है। मोबाइल छिनौती की जगह मोबाइल गिरने की तहरीर देने पर रिपोर्ट दर्ज की जाती है। इलेक्ट्रानिक व साइबर अपराध से निपटने के लिये पुलिस विभाग द्वारा बनाये गये साइबर सेल व सर्विलांस सेल होने के बावजूद भी पुलिस मोबाइल चोरों के गैंग तक नही पहुंच रही है और पहले से भी दर्ज घटनाओ का खुलासा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। आम आदमी के मोबाइल चोरी होने या गिरने की सूचना या तो केवल तहरीर लेकर फाइको में गुम हो जाती है गुमशुदगी दर्ज होने के बाद यदाकदा सर्विलांस सेल तक पहुंचने के बाद भी शिकायतों पर न तो सर्विलांस टीम कोई रिस्पांस देती है। टेक्नालाजी होने के बाद भी न तो खोये हुए या छीने गये मोबाइल का पता ही लगा पाती है। ऐसे में पुलिस विभाग की सर्विलांस टीम भले ही पुलिस विभाग की अन्य घटनाओ के खुलासे में अहम रोल अदा करती हो लेकिन आम आदमियों के लिये नाकाम ही साबित ही रही है। बाइक सवार मोबाइल लुटेरों द्वारा की जा रही घटनाओ से लोग दहशत में है। घर से बाहर मोबाइल से बात करने में अपने आपको असहज पा रहे है। जबकि सक्रिय मोबाइल गैंग को पकड़ने में पुलिस के नाकाम साबित होने में लोंगो के बीच पुलिस की कार्यशैली को लेकर असंतोष व्याप्त है। वहीं पुलिस ऐसी घटनाओं के जल्द खुलासा करने की बात तो कह रही है लेकिन शहर में घटित हुई किसी भी मोबाइल छिनौती की घटना की पुलिस द्वारा न तो सीसीटीवी फुटेज खंगाली गयी और न ही ऐसी किसी घटना के आरोपियों को पकड़ा गया। ऐसे में बाइक सवार मोबाईल फोन के लुटेरे कब तक शहर में तांडव मचाएंगे इस बात का अंदाजा भी नही लगाया जा सकता।

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