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बुन्देलखण्ड को विकसित करने पर हुआ विचार विमर्श

बुन्देलखण्ड विकास सोसाइटी द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । बुन्देलखण्ड अपनी ऐतिहासिकता और प्राकृतिक संरचना के कारण प्रसिद्ध है, यहां पर प्राकृतिक ऐतिहासिक व धार्मिक विरासत के नाम पर इतना कुछ है कि यह क्षेत्र विश्व के सर्वाधिक समृद्ध क्षेत्रों मं शुमार हो सकता है। बस थोडा सा ध्यान देने की जरूरत है। यह जानकारी बुन्देलखण्ड विकास सोसाइटी के अध्यक्ष श्यामजी निगम व सचिव सचिन चतुर्वेदी ने दी। उन्होने कार्यक्रम आयोजित कर बुन्देलखण्ड विकास से सम्बंधित कलेण्डर जारी करते हुये विकसित होने में आ रही समस्याओं पर विचार विमर्श किया।
कार्यक्रम में अध्यक्ष श्याम जी निगम ने बताय कि भारत के कुछ अन्य क्षेत्रों की तुलना में यह अभी भी अपेक्षाकृत
बुंदेलखंड विकास से संबंधित कैलेंडर जारी करते हमीरपुर सदर विधायक युवराज सिंह व अन्य 
काफी पिछडा हुआ है। बुन्देलखण्ड की जीवनशैली एक जैसी है लेकिन उसमें आंचलिकता और लोकत्व की झलक उसे विशिष्टता प्रदान करती है। विन्ध्याचल के मैदानी भागों में फैला बुन्देलखण्ड, भारत का हृदय स्थल है। लोक परम्पराओं और विविधताओं की धरोहर का देश है। इस दौरान उन्होने पर्यटन विकसित होन में आ रही इन प्रमुख समस्याओं पर बात की। कहा कि अधिकांश पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा, ठहरने एवं स्तरीय भोजन की व्यवस्था नही है। राही पर्यटन ग्रह को अत्याधुनिक बनाने की आवश्यकता है। अन्य निजी गेस्ट हाउस व होटल की तुलना में इनका किराया मंहगा और सुविधायें नाकाफी है। इसलिये इनमें कोई ठहरना पसन्त नही करता। जबकि कम आय की तुलना में इनकी देखरेख में लाखों रूपया प्रतिमाह बर्बाद किया जा रहा है। इस दौरान उपस्थित बुद्धजीवियों द्वारा पर्यविकास में समाधान हेतु सुझाव भी दिये गये और पर्यटन विकास हेतु क्रियान्वयन की प्रक्रिया को बताया गया। इस दौरान समिति के दिनेश दीक्षित, पंकज गुप्ता, निखिल सक्सेना, अरूण खरे, संजय निगम अकेला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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