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अब घर के नजदीक ही मिलेगा टीबी मरीजों को इलाज

नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित की गई जांच मशीनें
उरई (जालौन), अजय मिश्रा । टीबी पीड़ित मरीजों को जांच के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। उनकी जांच अब उनके घर के पास ही होंगी। नगरीय क्षेत्र के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आज से विधिवत जांच शुरु हो गई। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. सुग्रीव बाबू ने अपनी टीम के साथ गुरुवार को नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर माइक्रोस्कापिक सेंटर मशीन स्थापित की।
अभी जिले में मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल समेत 19 जगह जांच मशीनें लगी थी। अब उरई नगरीय क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र बघौरा, उमरारखेरा और तुफैलपुरवा में भी टीबी जांच के लिए मशीनें स्थापित कर दी गई है। इससे
मशीन द्वारा जांच करते टैक्नीशियन।
अब मरीजों को जांच के लिए जिला अस्पताल स्थित टीबी अस्पताल नहीं आना होगा। मरीज अपने आसपास ही जांच करा सकेंगे। पूरे जिले में अब 22 जांच केंद्र हो गए है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. सुग्रीव बाबू ने बताया कि सभी नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में जांच मशीन स्थापित की जानी है। इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रकोंच, जालौन और कालपी में भी जांच मशीनें स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में एक जनवरी से दिसंबर 2019 तक 2140 टीबी पंजीकृत मरीजों का इलाज चल रहा है। उन्होंने शासन की योजना के तहत पांच सौ रुपये की पोषण राशि भी उनके खाते में दी जा रही है। उन्होंने बताया कि टीबी जानलेवा और संक्रामक बीमारी है। इससे बचाव के लिए इसका इलाज बेहद जरूरी है। टीबी का पूरा इलाज करने से मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाता है।

टीबी कार्यक्रम का नाम भी बदला

जिला टीबी अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार ने टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) का नाम बदलकर राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम रख दिया है। टीबी मुक्त भारत के लिए अब तेजी से अभियान चलाया जाएगा।

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