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मकर संक्रांति पर केन में लगाई आस्था की डुबकी

केन, यमुना और बागेन नदी में श्रद्धालुओं की रही भीड़ 
स्नान ध्यान के बाद गरीबों को किया खिचड़ी का वितरण 
नटबली मजार में प्रसाद चढ़ाया, लिया मेला का लुत्फ

बांदा, कृपाशंकर दुबे । मकर संक्रांति का पर्व दूसरे दिन बुधवार को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। जिले भर में मेला व विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। केन नदी, यमुना नदी और बागै नदी में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। लोगों ने विप्रजनों व गरीबों को खिचड़ी, तिल, गुड़, मिठाई और वस्त्र आदि दान किए। शहर से सटे नटबली मजार में लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। प्रसाद चढ़ाने के उपरांत मेले का आनंद लिया। इसके बाद केन नदी में नौका बिहार आदि किया। 

मकर संक्रांति के पर्व को लेकर सुबह से लोगों में उत्साह देखने को मिला। प्रमुख नदियों में लोगों ने भेर से डुबकी लगाई और नजदीक मंदिरों में पूजा अर्चना किया। शहर से सटे केन नदी के विभिन्न घाटों में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से जुटी रही। इसके बाद प्रेमी प्रेमिका की याद में मनाया जाने वाला नटबली मेला का आनंद उठाया।

इस दौरान शहरवासियों ने भूरागढ़ किला भी घूमा। नटबली मजार में दोपहर दो बजे के बाद बड़ी तादाद में भीड़ उमड़ी। जिसमें नवयुवकों के साथ युवतियां और बच्चे थे। सभी ने मजार में माथा टेक कर याचना की। महिलाओं ने मेले में जमकर घरेलू सामान की जमकर खरीददारी की। बच्चों ने झूलों का लुत्फ उठाया।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाकचैबंद
बांदा। मकर संक्रांति पर्व को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक चैबंद रही। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा के निर्देशन में केन, यमुना और बागै नदी के घाटों में सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी। किसी घटना से निपटने के

लिए गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए जिलेभर में लगने वाले प्रमुख मेला व मंदिरों में भी महिला पुरुष कांस्टेबिलों की तैनाती की गई थी। भूरागढ़ किले में लगने वाले में स्थानीय चैकी पुलिस के साथ यातायात पुलिस को भी तैनात किया गया। ताकि जाम आदि की समस्या उत्पन्न न हो।

ईश्वरीय ज्ञान की दी जानकारी
बांदा। प्रजापति ब्रह्राकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की छात्राओं ने नटबली मेला परिसर में स्टाल लगाकर लोगों को 
ईश्वरीय ज्ञान की जानकारी दी। बताया कि आज भक्त भूल चुके हैं कि शिव ही परमात्मा है। जिनके निराकार, ज्योतिर्मय स्वरूप की प्रतिमा शिवलिंग की पूजा संसार में सबसे ज्यादा होती है। इस मौके पर छात्राओं ने एक एक श्रद्धालु को उन्हें विधिवत जानकारी दी।

गरीबों को दान की खिचड़ी
बांदा। मकर संक्रांति पर्व पर लोगों ने स्नान कर दान दिया। शहर के महेश्वरी देवी मंदिर, काली मंदिर, बांबेश्वर व संकट मोचन मंदिर में बड़ी संख्या में बैठे गरीबों को खिचड़ी दान की। परिवार के साथ आए लोगों ने बच्चों के
हाथों गरीबों को दान दिलाया। मान्यता है कि इस दिन गरीबों को खिचड़ी दान करने से व्यक्ति पुण्य का भागीदार बनता है।

ग्रामीण क्षेत्रों की नदी-सरोवरों में लगा मेला
बांद। क्षेत्र की यमुना नदी औगासी व मरका घाट और सिमौनी गड़रा नदी में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। गरीबों को खिचड़ी बांटी और पुरोहितों को दक्षिणा दी। मढ़ीदाई मंदिर में दिनभर आस्थावानों की भीड़ रही। अतर्रा में
गौरा बाबाधाम और गिरवां में विंध्यवासिनी मंदिर व भूतेश्वरनाथ में आस्थावानों ने पूजा-अर्चना की। नरैनी प्रतिनिधि के अनुसार बरूवा स्योढ़ा के रामचंद्र पहाड़ और शिवपुर के रनगढ़ किला घाट पर स्नान कर श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव को अर्घ्य देते हुए खिचड़ी दान की। रनगढ़ घाट पर सीमावर्ती मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं की भी भीड़ रही। रामचंद्र पहाड़ पर मेला में क्षेत्रीय लोगों की भीड़ रही। गांवों व कसबों में मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई गई।

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