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बहुजन क्रांति मोर्चा ने भी किया प्रदर्शन

संवैधानिक अधिकारों के लिए 29 जनवरी को होगा भारत बंद का आयोजन 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । बहुजन क्रांति मोर्चा के संयोजक उमलेश भारतीय एडवोकेट के नेतृत्व में बुधवार को मोर्चा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अशोक स्तंभ तले धरना दिया। कहा गया कि एनआरसी की सूची में से जिन 17,20,933 लोगों को निकाल दिया गया है, उन लोगों को फिर से एनआरसी की सूची में शामिल किया जाए। इसके साथ ही सीएए कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, व 21 का हनन करने वाला कानून है, इसलिए इसको तत्काल रद्द किया जाए। बहुजन क्रांति मोर्चा संयोजक ने कहा कि सीएए कानून की वजह से देश में
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बहुजन क्रांति मोर्चा पदाधिकारी 
अशांति फैल चुकी है। इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। केंद्रीय गृहमंत्री और प्रधानमंत्री इनके ऊपर देश में अशांति फैलाने और दो सामाजिक समूहों में विवाद निर्माण करने का गुनाह दर्ज करते हुए केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एनआरसी और सीएए के विरोध में आंदोलन करने वाले लोगों पर जो झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनको बिना विलंब किए खत्म कराया जाए। कहा गया कि वर्तमान सरकार ईवीएम में घोटाला करके आई हुई सरकार है। इसलिए ईवीएम के साथ लगाई गई वीवीपैट की पर्ची की गिनती के संदर्भ में 8 अक्टूबर 2013 का सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट लागू करके उस संदर्भ में प्रेसिडेंट मानकर वीवीपैट की गिनती करने का कानून बनाया जाए। इसके साथ ही चुनाव आयोग को अनियंत्रित अधिकार दिए गए हैं, उनको समाप्त करके उस संदर्भ में स्वतंत्र योजना का निर्माण किया जाए, इसके अलावा अन्य मांगें भी शामिल हैं। संयोजक उमलेश भारतीय ने बताया कि संवैधानिक अधिकारों के लिए तीन चरणों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। दूसरे चरण में 8 जनवरी को जिला स्तरीय प्रदर्शन रैली और तीसरे चरण में 29 जनवरी को भारंत बंद का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर आरपी चैधरी, रामश्रण अनुरागी, राजेंद्र कबीर, डा. यूनुस खान, रामपाल प्रजापति, रामओतार, मीना सिंह आदि मौजूद रहे। 

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