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पिता-पुत्र का शव मिलने से सनसनी

पुलिस लाइन के समीप की घटना, भेंड़ पालन करते थे मृतक

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । मुख्यालय से सटे खोह स्थित पुलिस लाइन के समीप भेंड़ पालक पिता-पुत्र का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने जांच पड़ताल की है। शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को मर्चरी भेजा है। चर्चा है कि भेड़ पालकों के पास करीब चार सैकड़ा भेंड़ें भी थी। जिसमें लगभग दो सौ भेंड़ें गायब हैं। हालाकि मामले में पुलिस संदिग्धता जता रही है।
भेंड़ पालकों की हत्या की ये वारदात शुक्रवार को अपरान्ह करीब एक बजे प्रकाश में आई। बताया गया कि पहाडी थाना क्षेत्र के सकरौली गांव के देवीदयाल (78) पुत्र गया प्रसाद, बडे बेटे देवीदीन (50) के साथ करीब चार माह पूर्व लगभग साढ़े तीन सौ से अधिक भेंड व एक दर्जन बकरियां चराने को गांव से निकले थे। मझले पुत्र मुन्ना ने बताया कि राजापुर क्षेत्र के सिकरी, भदेदू, खोपा आदि गांवों से चराते हुए गत दिवस मुख्यालय से सटे खोह पुलिस लाइन के समीप भेंड़ों का पड़ाव डाला था। बीती एक जनवरी को पिता और बड़े भाई से मिलने के बाद वह घर आ गया। करीब दो बजे पुलिस ने पिता व भाई के शव मिलने की जानकारी दी तो होश उड गए। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल, अपर एसपी बलवंत चैधरी, सीओ सिटी रजनीश यादव, कोतवाल अनिल सिंह समेत भारी पुलिस बल पहुंच गए। एसपी ने बारीकी से पड़ताल की है। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को मर्चरी भेजा है। मृतक देवीदयाल के तीन पुत्र, एक पुत्री विवाहित हैं। पत्नी बुधुलिया है। मृतक देवीदीन के तीन पुत्र, दो पुत्री अविवाहित हैं। पत्नी राजमुनि का रो-रोकर बुरा हाल है।

दो सौ भेंड़, छह बकरियां मिलीं गायब
चित्रकूट। मृतक के भाई मुन्ना ने बताया कि हालही में पिता और बड़े भाई से मिलने के बाद राशन आदि लेने घर
आया था। उनके पास लगभग चार सौ भेंड व एक दर्जन बकरियां थी। जिसमें महज 168 भेंडें व आधा दर्जन बकरियां बची हैं। शेष नदारद हैं। बताया कि कीमती बड़ी भेंड़ें व बकरियांें को बेंचने के उद्देश्य से अज्ञात लोग ले गए हैं। आशंका जताया कि पता न चले इसलिए पिता-भाई की हत्या कर दी गई है। बताया कि भेंड पालन कर जीविकोपार्जन करते हैं। 

हत्या की रहीं चर्चाएं
चित्रकूट। चर्चा यह भी है कि मृतकों के पैर बंधे थे। ऐसे में जाहिर होता है कि भेंड चुराने का राज छिपाने को हत्या कर दी। हालाकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट बाद रहस्य उजागर हो सकेगा। मृतक गरीब परिवार के थे। किसी से कोई रंजिश नहीं बताई गई।

जिस गांव में शाम वहीं डालते थे पड़ाव
चित्रकूट। मृतक देवीदयाल कई वर्षों से भेंड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करता था। इसी कार्य में बेटे भी लगे रहते थे। दूरदराज गांवों में प्रवास कर भेंड़े चराते थे। जिस गांव या शहर में शाम हो जाती तो वहीं पड़ाव डाल देते थे। 

पीएम रिपोर्ट बाद हो सकेगा खुलासा: एसपी
चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि चार माह से भेंड़ें चराते थे। पिता-पुत्र के शव मिलने की
जानकारी हुई है। करीब दो सौ भेंडे, रुपए, ेसामग्री आदि घटना स्थल से मिले हैं। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद पता चल सकेगा। फिलहाल पड़ताल की जा रही है।

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