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31 मार्च तक चलेगा एनीमिया मुक्त भारत के लिए विशेष अभियान

स्कूल स्तर पर होंगी गतिविधियां, सभी विभाग करें सहयोग

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । एनीमिया मुक्त भारत के लिए देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान सभी की सहभागिता से ही सफल होगा। 31 मार्च 2020 तक एनीमिया मुक्त भारत के लिए विशेष जागरुकता अभियान चलाया जाना है। इसमें सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सहयोग करें। यह बात  चिकित्सा आधिकारी मुख्य डा. अल्पना बरतारिया ने कही।
स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में अचल प्रशिक्षण केंद्र में ब्लाक स्तरीय नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बाल विकास पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा, माध्यमकि शिक्षा और पंचायती राज विभागों के प्रतिनिधियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह नोडल अधिकारी ब्लाकवार एनीमिया मुक्त भारत के लिए जागरुकता अभियान चलाएगा। एनेमिया मुक्त भारत अभियान के नोडल अधिकारी डा. एसडी चैधरी ने बताया कि अब

स्कूलों में हर सोमवार को अलग अलग गतिविधियां होगी। इसमें प्रथम सोमवार को स्मार्ट कलाकार पोस्टर प्रतियोगिता, दूसरे सोमवार को स्मार्ट अभिनेता, अभिनेत्री (लघु नाटिका), तीसरे सोमवार को स्मार्ट सेफ (आयरन युक्त व्यंजन विधि प्रतियोगिता), चैथे सोमवार को स्मार्ट खिलाड़ी (खेल प्रतियोगिता) व पांचवे सोमवार को स्मार्ट ब्रेन (क्विज प्रतियोगिता) कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि ब्लाक एवं स्कूल स्तर पर आयोजित होने वाले संवेदीकरण कार्यक्रम के लिए कार्ययोजना बना ली जाए। उन्होंने बताया कि हर स्कूल में दो नोडल अधिकारी होंगे, जो अपनी देखरेख में बच्चों को भोजन के बाद दवा खिलाना सुनिश्चित करेंगे।
4 लाख से अधिक बच्चों को खिलाई जाएगी गोलियां
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से 59 माह तक के बच्चों को, स्कूलों में पांच साल से 19 साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आयरन युक्त गोलियां खिलाई जानी है। इसके अलावा वीएचएनडी सत्र में भी टीकाकरण के साथ गोलियां खिलाई जानी है। उन्होंने  बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल व मदरसे में 4,19,336 बच्चों को गोलिया खिलाई जानी है।
क्या कहतें हैं आंकड़े 
एनएचएफएस-4 के अनुसार जिले में 15 से 49 साल की 61.8 प्रतिशत महिलाएं और 30.5 प्रतिशत पुरुष एनिमिक है।

एनेमिया के लक्षण 
  1. थकान रहना 
  2. चक्कर आना 
  3. त्वचा का पीला पड़ना 
  4. हथेलियों और तलवों का ठंडा पड़ना


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