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मिशन इन्द्रधनुष 2.0 अभियान का दूसरा चरण शुरू

बच्चों व गर्भवती महिलाओं को जानलेवा बीमारी से बचाएंगे टीके- सीएमएस
जिला अस्पताल में महिला चिकित्साधीक्षक डा रेखारानी ने किया उदघाटन

फतेहपुर, शमशाद खान । शिशुओं व गर्भवती महिलाओं को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान 2.0 का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्साधीक्षक महिला डा रेखारानी ने फीता काटकर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान बच्चों व गर्भवती महिलाओं को टीके भी लगाए गए।
अभियान का फीता काटकर उद्घाटन करतीं महिला सीएमएस डा0 रेखारानी।
शिशुओं में होने वाली जानलेवा बीमारियों जैसे पोलियो, खसरा, रूबेला, रोटा वायरस, टिटनेस डिप्थीरिया, काली खांसी आदि से बचाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी के निमित्त जिले में सघन मिशन इंद्रधनुष 2.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसके पहले इसका पहला चरण दो दिसंबर को चलाया गया था। जिसमें निर्धारित लक्ष्य से 110 फीसदी टीकाकरण कर सफलता प्राप्त की गई। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा इश्तियाक ने बताया कि पिछले अभियान में 9877 बच्चे एवं 2060 गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया था जिसके सापेक्ष शत प्रतिशत टीकाकरण किया गया। बताया कि जिले में मिशन इंद्र धनुष का अभियान दो दिसंबर से शुरू हुआ था अब दूसरा चरण चल रहा है। तीसरा चरण तीन फरवरी 2020 और चैथा चरण दो मार्च 2020 से चलेगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। महिला सीएमएस ने बताया कि जिला चिकित्सालय में टीकाकरण की बेहतर व्यवस्था है। यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को समय से टीके लगाए जाते है साथ ही बच्चों का भी टीकाकरण किया जाता है। सीएमओ  डा उमाकांत पांडेय ने बताया कि यह अभियान नगरीय क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र दोनों में चलेगा। दूसरे चरण में जन्म से लेकर दो वर्ष तक के 7657 बच्चे और 1794 गर्भवती महिलाओं को टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए आशा बहुओं और एएनएम को जिम्मेदारी दी गई है। इस मौके पर जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी महेंद्र भारती, यूनीसेफ से प्रबंधक नवीन त्रिपाठी, डब्लूएचओ प्रबंधक अंजनी आदि लोग मौजूद रहे। 
 
क्या है मिशन इंद्र धनुष
भारत सरकार ने सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण टीकाकरण प्राप्त करने और यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम यूआईपी को मजबूत बनाने के लिए सन 2014 में मिशन इंद्रधनुष अभियान शुरू किया। इंद्रधनुष के सात रंगों के समान सात रोगों से बचाव के लिए इस अभियन के तहत बच्चों व गर्भवती महिलाओं को टीके लगाए जाते हैं।

बोले लाभार्थी
सनगांव की रहने वाली गर्भवती सुमित्रा अपने पति रोहन के साथ जिला महिला चिकित्सालय आई। सुमित्रा ने बताया कि उन्हे रूटीन चेकअप के साथ टीका भी लगाया गया है और डाक्टर ने दवाएं भी दी। राधानगर इलाके की शबीना बेगम अपने डेढ महीने के बच्चे को टीका लगाने के लिए जिला अस्पताल पहुंची। यहां पर नर्स ने बच्चे को पेंटा का टीका लगाया और पोलियो ड्राप पिलाया। शबीना ने बताया कि उनकी डिलीवरी जिला महिला अस्पताल में हुई थी वह और बच्चा स्वस्थ है।

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