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जेएमआई व एएमयू यूनिवर्सिटी छात्रों पर बर्बरता की निन्दा

राष्ट्रपति से प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग

फतेहपुर, शमशाद खान । नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में जेएमआई व एएमयू यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से किये जा रहे प्रदर्शन में कुछ अराजकतत्वों द्वारा की गयी शांति भंग की साजिश में पुलिस ने यूनिवर्सिटी छात्रो पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। जिसको लेकर जिले के छात्रों ने कड़ी निन्दा करते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग की। छात्रों ने आवाज उठायी कि उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करके पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाया जाये। 
पूर्व छात्र नेता एहसान खान के नेतृत्व में छात्र बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे गये ज्ञापन में कहा कि पन्द्रह दिसम्बर को जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं शांतिपूर्वक ढंग से नागरिकता संशोधन बिल के विरूद्ध अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। तभी कुछ बाहरी अराजकतत्वों ने शांति भंग करने की साजिश रचते हुए कई जगह उपद्रव किया। जिसकी
ज्ञापन सौंपने जाते छात्र।  
सभी छात्र कड़ी निन्दा करते हैं। वहीं बिना किसी पुख्ता सबूत पुलिस प्रशासन ने विश्वविद्यालय के छात्रों पर आरोप तय करते हुए जिस तरह से निहत्ते छात्र-छात्राओं पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है वह बहुत शर्मनाक और अशोभनीय है। कहा कि प्राक्टर की बिना अनुमति पुलिस प्रशासन विश्वविद्यालय प्रांगण में प्रवेश कर गयी और छात्र के साथ-साथ छात्राओं से भी गाली गलौज करते हुए लाठीचार्ज किया। जिससे उन छात्र-छात्राओं को गम्भीर चोटे आयी हैं। विश्वविद्यालय लाइब्रेरी में घुसकर वहां पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के साथ पुलिस बल द्वारा अभद्रता करके प्रताड़ित किया गया। लाइब्रेरी में आंसू गैस के गोले दागे गये। परिसर के अंदर प्रार्थना स्थल को भी नही छोड़ा गया। मस्जिद के इमाम के साथ वहां मौजूद छात्रों को पीटा गया। इसी तरह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रांगण में भी बर्बरता इस कदर हावी हुयी कि छात्र घायल हो गये। उनके साथ फिर से पुलिस द्वारा आक्रामक रवैया अपनाया गया। अस्पताल से छात्रों को घसीटते हुए ले जाया गया जो सीधे-सीधे मानवाधिकार का उल्लंघन है। छात्रों ने राष्ट्रपति से मांग किया कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी बनाये जाने का आदेश जारी किया जाये। जो असली दोषी है उन पर कड़ी कार्रवाई की जाये। इस मौके पर हैदर काजमी, दानिश सिद्दीकी, अरसलान जाफरी, सैय्यद फैसल, गुरमीत बग्गा, विवेक श्रीवास्तव, सैय्यद शिराज, ओसामा, अब्दुल मुकीद, आमिर अत्तारी, अंशू सिंह, मो0 इस्माइल, मो0 आमिर, अमन आदि मौजूद रहे। 

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