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महिलाओं के तकनीकी विकास का प्रशिक्षण जरूरी

हमीरपुर, महेश अवस्थी । कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डाॅ फूल कुमारी ने उन्नत हंसिया गहरी जड़ वाले खरपतवार निकालने के लिये उपयुक्त है। मक्का छीलने वाले यन्त्र, वेजिटेबिल, ट्रान्सप्लान्टर, व्हीलहो कोनोवीडर की विशेषताओं व तकनीकी धार की जानकारी दी। वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लाक सुमेरपुर की इकाई में कुछेछा पर उन्नत कृषि उपकरणों से कृषि कार्य आसान करने की जानकारी महिलाओं को देते समय बोल रहीं थीं। उन्होंने कहा कि खेती में महिलाओं की भागीदारी 80 फीसदी रहती है। वे पौधों की रोपाई, निराई से

लेकर भण्डारण तक काम करती हैं। उन्नत कृषि यन्त्रों की कमी से उनकी कार्यक्षमता में कमी के साथ थकान भी अधिक होती है। समय भी अधिक लगता है। यदि नई तकनीक के कृषि यन्त्रों को महिलायें अपनायें तो उनका समय बचेगा, थकान भी कम होगी। कार्य क्षमता में बढ़ोतरी होगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डाॅ मो.मुस्तफा ने गांव से आयी महिलाओं को केन्द्र के तकनीकी विकास पर चर्चा की। डाॅ एसपी सोनकर ने कृषि सखियों से कहा कि खेती में महिलाओं की हत्याधिक भूमिका रहती है। महिलाओं को रोजगार परक जेम, जेली, आचार, मुरब्बा, सिलाई, कढ़ाई का प्रशिक्षण केन्द्र से लेकर आत्मर्निभर होकर सामाजिक स्तर में उत्थान कर सकती हैं। वैज्ञानिक चंचल सिंह ने शोषण वाटिका में खड़ी सब्जियों के प्रबन्धन हेतु नीम आधारित प्रमुख उत्पाद के साथ महत्वपूर्ण सुरक्षात्मक पहलू पर चर्चा की। संचालन प्राची यादव ने किया। मधु, शिवानी सहित तीन दर्जन महिलाओं ने भागीदारी की। 

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