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कैब व प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था पर धरना देकर सपाई गरजे

कैब व एनआरसी के जरिये हिन्दुस्तान को बांटना चाह रही भाजपा सरकार-सुरेन्द्र 
राज्यपाल को भेजा पच्चीस सूत्रीय मांगों का ज्ञापन 

फतेहपुर, शमशाद खान । प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था एवं नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ गुरूवार को समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता धरना देकर केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर गरजे। सपाईयों का कहना रहा कि देश की अर्थव्यवस्था बेहद खस्ताहाल है। लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार जनता का ध्यान महंगाई एवं भ्रष्टाचार से हटाकर कैब व एनआरसी की ओर ले जाने का काम कर रही है। कैब व एनआरसी के जरिये हिन्दुस्तान को बांटने की भाजपा साजिश रच रही है। जिसे कतई कामयाब नहीं होने दिया जायेगा। सपाईयों ने राज्यपाल को सम्बोधित पच्चीस सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। 
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह यादव की अगुवई में बड़ी संख्या में जिले के पदाधिकारी व कार्यकर्ता नहर कालोनी प्रांगण में एकत्र हुए। सपाईयों ने केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के साथ-साथ प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था को लेकर धरना दिया। धरने को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि किसान, मजदूर, नौजवान, व्यापारी, छात्र, बालिकाएं, महिलाएं, अल्पसंख्यक वर्ग दहशत भरे आर्थिक संकट से
नहर कालोनी में धरने के दौरान हुंकार भरते सपाई। 
जूझ रहा है। ध्वस्त कानून व्यवस्था और नागरिकता संशोधन विधेयक से समाज को बांटने का खतरा पैदा हो गया है। भाजपा ने वादा किया था कि किसानों की आय दोगुनी की जायेगी। उनकी फसलों का मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना दिया जायेगा लेकिन किसानों के उत्पादन की लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। कहा कि जब-जब प्रदेश में सपा की सरकार रही तब-तब गन्ना किसानों के मूल्य में वृद्धि हुयी। धरने को पूर्व विधायक मदन गोपाल वर्मा, पूर्व विधायक मो0 सफीर, पूर्व जिलाध्यक्ष दलजीत निषाद, रामेश्वर दयाल दयालू, नगर अध्यक्ष नफीस उद्दीन, विपिन सिंह यादव, केतकी यादव, वंदना राकेश शुक्ला, चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रजा, पूर्व चेयरमैन चन्द्र प्रकाश लोधी, हाजी रफी, महेन्द्र बहादुर सिंह बच्चा समेत अन्य पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया। तत्पश्चात राज्यपाल को सम्बोधित पच्चीस सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर नागरिकता संशोधन बिल को निरस्त किये जाने, दुष्कर्म व हत्या के दोषियों को घटना के तीस दिन के अंदर दण्ड दिये जाने, ओलावृष्टि से किसानों को हुयी क्षति का प्रबन्ध किये जाने, गन्ना उतराई शुल्क जबरन वसूल करने पर रोक लगाये जाने, गन्ना मूल्य 325 प्रति कुन्तल से बढ़ाकर 450 किये जाने, धान क्रय केन्द्रों पर बिचैलियों पर रोक लगाये जाने, धान केन्द्रों पर बोरे उपलब्ध कराये जाने, बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण किये जाने, छात्रों की बढ़ी हुयी फीस वापस लिये जाने, प्रदेश की कानून व्यवस्था को दुरूस्त किये जाने, आवारा पशुओं से किसानों को निजात दिलाये जाने, शहर की खराब सड़कों को शीघ्र बनवाये जाने सहित अन्य मांगे शामिल हैं। धरने का संचालन जिला महासचिव मोईन खान ने किया। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र यादव, सियाराम यादव, कपिल यादव, यासिर सफीर, जंग बहादुर मखलू, सतीश राज सिंह, राजू कुर्मी, सऊद अहमद, फैजान अहमद मून, शकील गोल्डी, शकील अकबर, शेख शमशाद अली, तनवीर हैदर, परवेज आलम, असलम फरसी, रीता प्रजापति, जाहिद, सुशील उमराव, तरन्नुम परवीन, उदयभान सिंह, जिया उद्दीन राजू, सुहेल अहमद हेमू, जय सिंह यादव, विनोद पासवान, मान सिंह यादव, जेपी यादव, आसिफ राईन सहित बड़ी संख्या में सपाई मौजूद रहे। धरने को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क रहा। नहर कालोनी परिसर छावनी में तब्दील रहा। मेन गेट को रस्सियों से बांध दिया गया था। धरनास्थल पर मौजूद उप जिलाधिकारी ने ज्ञापन लिया। तत्पश्चात सपाईयों ने धरना समाप्त कर दिया। 

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