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एकात्मक एकता दिवस के रूप में मनाया प्रथम राष्ट्रपति का जन्मदिन

टैक्स बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं की समस्याओं पर की चर्चा 
पीएम व वित मंत्री को भेजा पन्द्रह सूत्रीय ज्ञापन

फतेहपुर, शमशाद खान । देश के प्रथम राष्ट्रपति एवं अधिवक्ता कुल शिरोमणि डा0 राजेन्द्र प्रसाद के जन्मदिन पर टैक्सेशन बार एसोसिएशन के तत्वाधान में एकात्मक एकता दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें अधिवक्ताओं ने प्रथम राष्ट्रपति की जीवन शैली से परिचित कराते हुए अधिवक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा की। इसके पूर्व बार एसोसिएशन ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री व वित मंत्री को सम्बोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर सभी मांगों का शीघ्र निराकरण कराये जाने की आवाज उठायी। 
देश के प्रथम राष्ट्रपति एवं अधिवक्ता कुल शिरोमणि डा0 राजेन्द्र प्रसाद के जन्मदिन पर सर्वप्रथम फतेहपुर टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गनेश प्रसाद गुप्ता की अगुवई में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और पन्द्रह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें कहा गया कि जीएसटी विभाग में पंजीयन हेतु पूर्व
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता।  
वाणिज्य कर विधान अथवा वैट विधान की व्यवस्था में पंजीयन कराने वाले व्यापारियों की पहचान अधिवक्ता के द्वारा होती थी। इससे सही उचित व्यक्ति ही व्यापार हेतु पंजीयन करा पाते थे। जीएसटी लागू होने पर कोई भी व्यक्ति पंजीयन करा लेता है। उसे किसी अन्य से पहचान की आवश्यकता न होने के कारण फर्जी पंजीयन हो रहे हैं। फर्जी एनवाइस जारी करते हुए भारी मात्रा में राजस्व की चोरी व करापवंचन हो रहा है। मांग किया कि अधिवक्ता की पहचान के बाद पंजीयन जारी हो, पंजीयन प्राप्तकर्ता को अपने अधिवक्ता का नाम, पैन, मोबाइल नम्बर, पंजीयन संख्या की व्यवस्था को अनिवार्य किया जाये, सीजीएसटी केन्द्री कार्यालयों में कर अधिवक्ता की निर्वाध उपस्थिति की अभिभावक पत्र के आधार पर मान्यता दी जाये, अलग से किसी अधिकार पत्र की मांग न हो, जनपद, मण्डल व राज्य स्तर पर जीएसटी सलाहकार परिषद का गठन किया जाये, वर्कशाप सेमिनार विधि चर्चा कैम्प के माध्यम से सभी को ट्रेनिंग देकर दक्ष बनाया जाये। इसके अलावा अन्य मांगे भी शामिल रही। तत्पश्चात कार्यालय परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें अधिवक्ताओं ने प्रथम राष्ट्रपति डा0 राजेन्द्र प्रसाद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की। अधिवक्ताओं ने कहा कि राजेन्द्र प्रसाद देश के प्रथम राष्ट्रपति बने और वह एक कुशल अधिवक्ता भी थे। जिनको कुल शिरोमणि की उपाधि से नवाजा गया था। कहा कि आज अधिवक्ता तमाम परेशानियों से जूझ रहा है। समस्याओं से निकालने के लिए संगठन लगातार संघर्ष कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। इस मौके पर अधिवक्ताओं में रनवीर सिंह, अराधना पाण्डेय, अजलाल अहमद फारूकी, मो0 इकबाल मोईन, आरती श्रीवास्तव, मो0 मोईनुद्दीन, मो0 नूरूद्दीन, श्रवण कुमार गौर, सैय्यद फसाहत अली, फजले रसूल अंसारी, विमल कुमार गुप्ता, शोभित पुरवार आदि मौजूद रहे। 

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