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भागवत कथा में बही भक्ति की बयार

फतेहपुर, शमशाद खान । बुधवार को शहर के गाजीपुर बस स्टॉप स्थित अशोक धान मील परिसर में आयोजित भागवत कथा के दूसरे दिन भी भकतों ने कथा का आनंद लिया। कथा सुनाते हुए आचार्य विधा सागर शुक्ल ने कहा शुकदेव जी परीक्षित के लक्ष्य करके मानो पूरे समाज को ज्ञानोपदेश के रहे है। भक्ति मार्ग में हरिकथा श्रवण ही एकमात्र अवलम्बन है। किसी भी प्रकार का अभिमान प्राणी को पतन की ओर ले जाता है और विजय को अपने पद का अभिमान हुआ तो उन्हें तीन जन्मों तक राक्षस होना पड़ा। काम क्रोध और लोभ ही राक्षस है।किंतु
कथा में प्रवचन करते आचार्य विद्या सागर शुक्ल।  
परमात्मा इतने दयालु है कि भटके हुए जीव का कल्याण करने के लिये परमात्मा को ही पृथ्वी पर होना पड़ता है। अति विलासिता के कारण दिति के यहाँ हीरणयाक्ष व हीरणय कश्यप का जन्म हुआ। जिनका उद्धार करने के लिये भगवान को कराह नृसिह का अवतार लेना पड़ा। वहीं सयम और सदाचार की पूर्ति अदिति के यहाँ भगवान कपिल रूप में अवतरित हुए और माता देवहूति को ज्ञानोपदेश किया। कपिल भगवान ने मुक्ति मार्ग की महिमा का वर्णन करते हुए कथा श्रवण का महत्व बताया। इस मौके पर निरन्जन तिवारी, पप्पू अग्निहोत्री, पीएस शुक्ला, एकांत तिवारी, भोला मिश्रा, देवीदीन विश्वकर्मा, दीपक मिश्रा समेत बड़ी संख्या में भक्त रहे। वही भगवत सुनने के पश्चात प्रसाद वितरित किया गया।

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