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जिससे ज्ञान मिले वही गुरू: अवधूत महाराज

बबेरू, कृपाशंकर दुबे । मौनी धाम में आयोजित विशाल भंडारा प्रारम्भ होने से पहले श्री श्री 1008 स्वामी अवधूत महाराज ने श्रद्धालुओं सहित श्रमदानी सेवको को उपदेश देते हुए कहा कि भगवान को चाहे जितनी पूजापाठ से पाना चाहो परंतु जब तक अंतः करण निर्मल नही होगा तब तक प्रभु का आना संभव नही है। कहा कि मनुष्य को भगवान की भक्ति तो करनी चाहिए परंतु भक्ति कैसी हो अहैतुकी, भक्ति जीवन में जब अपनाओगे तब भगवान शीघ्र प्राप्त हो जाते है। कलियुग में लोग हैतुकी भक्ति ज्यादा करते है। भगवान की भक्ति में कामना नही होनी
उपदेश देते अवधूत महाराज 
चाहिए तभी भक्ति पूर्ण है। सृष्टि में ऐसे भक्त हुए है कि भगवान का दिया हुआ बरदान और उन्ही को नष्ट करना चाहा, ऐसी भक्ति ऐसी कामना लेकर भगवान के पास जाना बेकार है। जो व्यक्ति अहैतुकी भक्ति अपनाता है वह माता भक्ति का नाता गोविंद से जोडता है। दो बेटे जन्म लेते है तो ज्ञान और बैराग्य आता है। ज्ञान और बैराग्य के आने से प्राणी को परम शान्ति मिलती है। कहा कि जीवन में जिससे एक अक्षर का ज्ञान मिले वही मानव गुरू है। जिसके अंदर गुण दिखाई दे वही समाज का श्रेष्ठ है। हनुमान जी की कृपा से इतना बडा महायज्ञ हर वर्ष पूर्ण होता है।

मेला एवं प्रदर्शनी की सज गई दुकाने
बबेरू। सिमौनी धाम में आयोजित मेला में विकास आयुक्त हथकरघा वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रयोजित तथा उत्तर प्रदेश बुनकर बहबुदी फण्ड निदेशालय उत्तर प्रदेश  कानपुर द्वारा आयोजित स्पेशल हैण्डलूम एक्सपो की प्रदर्शनी 9 दिसम्बर से प्रारम्भ है। प्रदर्शनी प्रभारी दिनेश शर्मा एवं ज्ञान प्रकाश ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जनपदों झांसी सीतापुर, मुरादाबाद, बांदा, मेरठ, रामपुर, मिर्जापुर, हरदोई, प्रतापगढ, कानपुर, तथा वाराणसी से आयी हथकरघा बुनकर समितियों द्वारा आधुनिक डिजाइनों से मनपसन्द बेडसीट, दरी, दरेट, पेटपस्ट्री, डेªस मटेरियल, व बनारसी साडी इत्यादि उचित कीमत पर 10 फीसदी की छूट पर बिक्री की जा रही है। खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ 13 दिसम्बर को शुभारंभ हुआ। बताया कि डिजाइन के खादी, पाॅली, ऊन, व रेशमी वस्त्र, जडी बूटी, निर्मित हर्वल उत्पाद राजस्थानी, व काश्मीरी, ऊनी, कपडे, जैविक खाद्य पदार्थ, चमडे का समान व फुटवियर, शुद्व व पौष्टिक मशाले, आचार पापड, मुरब्बे हरदोई, सहारनपुर की प्रसिद्व कालीन व हैण्डीक्राप्ट आदि उत्पाद प्रदर्शन बिक्री हेतु उपलब्ध है। इनके अलावा देश प्रदेश के शहरों की सैकडों दुकाने लग गई है और मनोरंजन के लिए झूला, कालाजादू के पंडाल लग चुके है।

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