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भंडारे में दूसरे दिन सोमवार को तकरीबन तीन लाख श्रद्धालुओं ने छका प्रसाद

स्वामी अवधूत महाराज मौनी बाबा सामधि के पास से श्रद्वालुओं को दिए दर्शन
पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन श्रद्वालु भक्तों की चैगुना रही भीड़

बबेरू, कृपाशंकर दुबे । भंडारा के दूसरे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पडा। तकरीबन तीन लाख भक्तों को पंगत में बैठ कर प्रसाद ग्रहण कराया गया। उसके बाद निकास द्वार से सीधे मेला प्रदर्शनी को निकालने की व्यवस्था रही। श्रद्वालु भक्त नाटक का आनंद उठाते रहे। आस पास क्षेत्रों के अलावा दूसरे प्रांतों के श्रद्धालुओं ने मौनी बाबा की समाधि पर माथा टेक कर प्रसाद ग्रहण करने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। 
बबेरू क्षेत्र के ग्राम सिमौनी पर मौनी धाम के पौराणिक मेला महोत्सव एवं विशाल भंडारें के दूसरे दिन सोमवार
प्रसाद ग्रहण करते श्रद्वालु
को सुबह 7 बजे साधु संतों को भोजन प्रसाद ग्रहण करा कर श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराने का सिलसिला शुरू हुआ। आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं का सुबह से आने जाने का सिलसिला लगातार बना रहा। दूसरें प्रांत मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा के हजारों श्रद्धालु भक्तों ने मौनी बाबा की समाधि पर जाकर पूजन करते हुए माथा टेकते उसके बाद पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण करते रहे। श्रद्धालु भक्तों ने स्वामी अवधूत महाराज एवं बजरंग बली का जयकारा लगाते रहे। श्रमदानी स्वयंसेवक सरपट दौडकर श्रद्वालु भक्तों के लिए प्रसाद की आपूर्ति करते और पंगत में बैठाकर प्रसाद ग्रहण कराने में जुटे रहे। श्रद्धालु भक्तों के लिए 4 दर्जन कडाहों में पूडी, सब्जी एवं प्रसाद बनाने में श्रमदानी सेवक जुटे रहे। वही दिल्ली, आगरा, उज्जैन के कारीगर मालपुआ व
प्रसाद के इन्तजार में खडे श्रद्धालु 
लड््डू, जलेबी बनाने में लगे रहे। मेला की व्यवस्था को दिल्ली से आए श्रमदानी सेवक घूम घूम कर जायजा लेते रहे। पुरूषों व महिलाओं के प्रवेश द्वार में सुबह से लेकर देर शाम तक कतारे लगी रही। महिलाएं पूडी बनाने का श्रमदान करती रही और उसके बाद पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण कर मेला प्रदर्शनी का आनन्द प्राप्त करती रही। महिलाओं के लिए अराक्षित पांच काउण्टर एवं पुरूषों के लिए बने चार काउण्टर प्रसाद ग्रहण करने वाले श्रद्वालुओं से खाली नही हो पाते थे कि फौरन सभी काउण्टर श्रद्वालुओं से भर जाते थे। प्रसाद ग्रहण कराने वाले श्रमदानी सेवक सरपट दौड लगा कर श्रद्वालुओ को प्रसाद वितरण करते रहे। उधर सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद अधिकारी कर्मचारी एवं श्रमदानी सेवको को भी एक काउण्टर पर अलग से प्रसाद ग्रहण कराने का सिलसिला जारी रहा। अपार भीड में श्रद्धालु एक दूसरें को धक्का मुक्की कर प्रसाद पंडाल में पहुंचने की भारी मशक्कत करते रहे। सुबह से लेकर देर रात तक लाखो श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। 

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