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उत्पीड़न से परेशान जल निगम कर्मियों का प्रदर्शन

मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा 
समस्याओं का निस्तारण करने की बजाय किया जा रहा उत्पीड़न 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । जल निगम कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होने की बात तो दूर कार्य का बोझ बढ़ाकर और ऐन-केन-प्रकारेण उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। तमाम धरना प्रदर्शन और रैलियों के बावजूद जल निगम कर्मियों की समस्याओं का समाधान अभी तक नहीं हो सका है। इससे जल निगम कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को उत्तर प्रदेश जल निगम संयुक्त समिति के बैनर तले जल निगम कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा है। चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान न किया गया तो विशाल आंदोलन किया जाएगा। 
उत्तर प्रदेश जल निगम संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले जल निगम कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए जल निगम कर्मचारियों ने कहा है कि उनकी समस्याओं का निस्तारण किए जाने के बजाय काम का बोझ बढ़ाकर और अन्य तरीकों से लगातार उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। जल निगम कर्मियों की मांग है कि सप्तम वेतनमान लागू किए जाने के लिए शासकीय
सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते जल निगम संयुक्त समिति के पदाधिकारी
विभागों में लाकगू सप्तम वेतनमान संबंधी शासनादेश को जल निगम में यथावत लागू किया जाए। इसके साथ ही जल निगम को पूर्ववत शासकीय विभाग में परिवर्तित किया जाए। शासकीय विभाग बनाए जाने की प्रक्रिया में जब तक समय लगता है, तब तक पेंशन एवं वेतनमान कोषागार से सम्बद्ध किया जाए। 1 जनवरी 2006 से 11 मार्च 2010 तक को षष्टम वेतनमान का बकाया एरियर का भुगतान किया जाए। अघोषित रूप से दिसंबर 2018 से मृतक आश्रित कोटे में बंद की गई अ नुकंपा नियुक्ति तथा जून 2019 के बाद सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन बांधने संबंधी रोके गए पीपीओ तथा सेवानिवृत्त एवं कार्यरत कर्मियों के रोके गए जीपीएफ भुगतान को अविलंब बहाल किया जाए। इसके साथ ही 281 करोड़ रुपए के जीपीएफ शार्टफाल को अविलंब पूरा कराते हुए जीपीएफ मद में काटी गई धनराशि का सुरक्षित निवेश न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। शासकीय विभागों की भांति कैसलेस चिकित्सा की व्यवस्था शासन के आदेशानुसार जल निगम पर तत्काल लागू की जाए। पेंशनरों पर 164 प्रतिशत महंगाई राहत के आदेश तुरंत जारी किए जाएं। इसके अलावा जल निगम कर्मियों की अन्य मांगें भी शामिल हैं। जल निगम संयुक्त समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर समिति के पदाधिकारी विजयराम, सुभाष, जीपी शैलेंद्र, चुन्नू के अलावा दर्जनों जल निगम कर्मचारी मौजूद रहे। 

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