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सिटी मजिस्ट्रेट और व्यापारियों के बीच हुई नोकझोंक

पालीथिन चेकिंग के दौरान भिड़ गए व्यापारी, आयुक्त को दिया ज्ञापन 
व्यापारियों के साथ चेकिंग के दौरान की जा रही है अभद्रता 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । पालीथिन पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक अफसरों की कार्रवाई उन्हीं के लिए मुसीबत बनती जा रही है। गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार मुख्य बाजार में पहुंचे और चेकिंग के दौरान एक दुकानदार के यहां से पालीथिन बरामद की। इस पर नियमतः सिटी मजिस्ट्रेट ने व्यापारी को जुर्माना कर दिया और जुर्माने की रकम अदा करने की बात कही। इसी बात को लेकर व्यापारी और सिटी मजिस्ट्रेट के बीच तकरार हो गई। बाद में व्यापारी लामबंद हो गए और सिटी मजिस्ट्रेट को चेकिंग अभियान बीच में ही बंद करके वापस लौटना पड़ा। इधर, व्यापारियों ने चित्रकूटधाम मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर समस्या बताते हुए व्यापारियों से सद्व्यवहार किए जाने की मांग की है। 
कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते व्यापारी 
अचानक गुरुवार की सुबह सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार लाव-लश्कर के साथ मुख्य बाजार पहुंचे और पालीथिन की चेकिंग शुरू कर दी। एक दुकान में पालीथिन मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने जुर्माना कर दिया। दुकानदार के द्वारा जुर्माने की धनराशि अदा नहीं की जा रही थी, इस पर कहासुनी हो गई। तमाम व्यापारी मौके पर पहुंच गए। लामबंद हुए व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट से तकरार शुरू कर दी और जमकर खरीखोटी सुनाई। व्यापारियों ने कहा कि दुकान खोलने के समय जुर्माना किया जाएगा, तो दुकानदार कहां से देगा। तकरीबन आधे घंटे तक अफरा-तफरी मची रही। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट वहां से चले आए। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट की इस कार्रवाई को व्यापारियों ने दमनात्मक कार्रवाई करार दिया और लामबंद होकर मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। वहां पर बांदा उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले ज्ञापन दिया गया। व्यापारियों ने चित्रकूटधाम मंडलायुक्त को दिए गए ज्ञापन में कहा कि पूर्व में की गई जांचों की न तो कोई सूची बनाई गई है और न ही जब्त की गई पालीथिन को नष्ट किया गया। व्यापारियों ने दावा किया कि जब्त की गई पालीथिन फिर से बाजार में बिक्रय की जा रही है। व्यापारी सिंगल यूज प्लास्टिक के विक्रय का विरोध करते हैं। लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट और उनके साथ नगर पालिका के कर्मचारी दुकानदार को दुकान के बाहर निकालकर अन्य पैक्ड सामग्री भरते हैं। व्यापारियों के साथ दुव्र्यवहार भी किया जाता है। सुबह दुकान खोलने के समय किए गए चालान का रुपया न होने की स्थिति में व्यापारियों से अभद्र वार्ता की जाती है। व्यापारियों ने आयुक्त से मांग की है कि पन्नी विक्रय का वह विरोध करते हैं लेकिन प्रशासन की दमनात्मक कार्रवाई एवं दुव्र्यवहार की निंदा करते हैं। व्यापारियों ने कहा कि चेकिंग के दौरान व्यापारियों के साथ सद्व्यवहार किया जाए। ज्ञापन देते समय व्यापारी संतोष गुप्त अनशनकारी, शिवपूजन गुप्ता, प्रेम गुप्ता, गोरेलाल गुप्ता, दीपक गुप्ता, महेश गुप्ता, अशोक कुमार, पंकज कुमार शुक्ला, शंकर चैरसिया, दिलीप कुमार गुप्ता, अनिल, परमानंद, संतोष गुप्ता, दिलीप, मुन्नालाल, अनिल, आशुतोष गुप्त आदि मौजूद रहे। 

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