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Wednesday, December 18, 2019

नागरिकता संशोधन बिल एक बहाना...

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
(वरिष्ठ पत्रकार) 

भारत के कुछ राज्यों में जिस तरह से नागरिकता संशोधन बिल पर आतंक फैलाए हुए हैं, वह नागरिकता संशोधन बिल की आड़ में धारा 370 आर्टिकल 35 ए एवं राम मंदिर का निर्णय की छाया प्रतीत हो रही है, क्योंकि जिस तरह से लोग दिल्ली में आतंक मचाए हुए हैं उससे स्पष्ट हो रहा है कि यह इन लोगी के पहले से सीने में आग धधक रही थी जो नागरिकता संशोधन बिल के बहाने उजागर हुई है क्योंकि नागरिकता संशोधन बिल इतना बड़ा देश के अल्पसंख्यकों के लिए हानिकारक नहीं है फिर भी इस तरह का आतंक मचाना यह सोची-समझी पहले से धधक रही आग का परिणाम है।आतंकवादियों अलगाववादियों एवं जातिगत पार्टियों के हित के लिए नुकसान दे है ।वह लोग आज देश को जनता को गुमराह कर रहे हैं पूरा देश शांति से चल रहा है परंतु कुछ लोग अपनी शैली के कारण देश के बदमाश, अलगाववाद लोग जिनका ताल्लुक पाकिस्तान से है  अलीगढ़ मुस्लिम विद्यालय, जेएनयू दिल्ली के एवं जामिया कॉलेज के यह सब लोग अतंक कर रहे हैं इन छात्रों के साथ कुछ बाहरी तत्व का

भी हाथ हो सकता है, ऐसा महसूस हो रहा है क्योंकि इन लोगों इतना अधिक प्रपोगडा और दंगा जैसा कार्य छात्र नहीं कर सकते जब तक भारी गलत लोगों का हाथ ना हो, आज भारत पूछता है कौन है यह यह जातिगत नेता जो देश को एकजुटता  में बाधक बने हैं।बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका ने अपने कथन में कहा है नागरिकता संशोधन बिल उन लोगों के लिए जरूरी है जो लोग पड़ोसी देशों में उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं उनके लिए रास्ता तय करेगा बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा नागरिकता विल का समर्थन किया गया है वहीं पर शिवसेना जो अभी तक भाजपा का 30 वर्षों से अंग रहा है वह शिवसेना के उधर लोकसभा में बिल का तो समर्थन किया है लेकिन जिस तरह के वक्तव्य उन्होंने दंगे में दिए हैं दिल्ली में जामिया कॉलेज में हुए छात्रों द्वारा दंगे किए जाने पर पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने को उन्होंने जलियांवाला बाग का दर्जा दिया यह उधव ठाकरे की सोच ही दर्शाती है कि वो अब वाम दल के साथ हो गए हैं उनकी भाषा बदल जैसी होती जा रही है कांग्रेस के विधायक दिल्ली के मतीन अहमद वहां पर उपद्रव करने के लिए पूरा उन्होंने जोर कस लिया है और एक बाइक रैली उन्होंने बुलाई जिसमें उनके द्वारा लड़कों को वाहरी लड़कों को एकत्र किया गया और पत्थरबाजी पुलिस के ऊपर करवाई गई तथा प्राइवेट संपत्ति या सरकारी संपत्तियों को बहुत नुकसान पहुंचाने का काम किया वहीं पर मेट्रो स्टेशन वेलकम, जाफराबाद और मौजपुर, बाबरपुर के दोनों निकास के दरवाजे बंद कर दिए गए, बहुत खराब स्थिति में इन उग्रवादियों ने बना दी है इस पर पुलिस सख्त कार्रवाई करें वैसे इस देश में पुलिस अपने मन से काम नहीं कर पाती है यहां पर भी कई ऐसी संस्थाएं हैं सरकारी और प्राइवेट एवं नेता एवं विपक्षी दल है जो तिल का ताड़ बनाने में माहिर है। जब ट्रेनें फूंक रहे हैं सरकारी तंत्र को नष्ट कर रहे हैं और लोगों के ऊपर अगर पुलिस बल प्रयोग नहीं करेगी तो क्या उनकी आरती उतारती, पुलिस को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं कि पुलिस ऐसे मौके पर दिल्ली पुलिस जिस संयम से काम ले रही यह एक सराहनीय कार्य है वो जानते हैं कि यह बच्चे हैं आज गलत कल अच्छे रास्ते पर अा जायगे वहअपने ही है। सही रास्ते पर आ जाएंगे और उनके पत्थर खा रहे हैं उस जगह और कोई सरकारे हो कोई सोचो तो जिस तरह के छात्रों कर रहे हैं उसका जवाब सिर्फ गोली है गोली, गोली से यह लोग भाषा समझ सकते हैं जिस तरह से उन्होंने सरकारी संपत्तियों को जिस तरह से नष्ट कर रहे हैं जिस तरह से पत्थर चला रहे हो जैसे कि जम्मू-कश्मीर दिल्ली को बना दिया गया है। यह स्थिति होती जा रही है आज दिल्ली पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है।एनआरसी से कोई लेना-देना नहीं हे नागरिकता बिल संशोधन बिल जो एक ही बहुत ही अच्छी चीज देश के सामने रखी गई है इसका विरोध करने वाले सिर्फ पाकिस्तानी समर्थक ही है जो पाकिस्तान के मन में भाव रखते हैं और हिंदुस्तान में रहते हैं ऐसे लोगों को ही इस बिल के माध्यम से इस देश से पकड़कर हर हालत में बाहर करने की जरूरत है ।तभी भारत स्वतंत्र रूप से आतंकवाद मुक्त भारत का निर्माण हो सकेगा आज उधव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने जो वक्त अब जलियावालाबाग जामिया यूनिवर्सिटी के संबंध में दिया और बहुत ही निंदनीय है ।वह अब अपनी मर्यादा अपने पिताजी के दिए हुए सिद्धांतों को भूल गए हैं अब वह सत्ता की भूख से तड़प रहे हैं उन्हें सत्ता चाहिए चाहे जैसे भी हो कोशिश सत्ता सुख चाह रहे हैं जिसके कारण अपने जमीर को बेचते जा रहे हैं।उन्होंने जो जामिया यूनिवर्सिटी के संबंध में जलियांवाला बाग के संबंध में जो कहा वह जलियांवाला बाग की घटना उन्हें अभी याद नहीं है जलियांवाला बाग वह वार दुर्घटना है जो अंग्रेजों ने जिस तरह से भारतीयों का पतन किया था वह एक आज भी कलंक लग गया है।राजसभा सांसद शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ही शिवसेना का पतन का कारण बनें गा उसका मुख्य कारण है संजय राऊत वीर सावरकर सावरकर पर जिस तरह से कांग्रेस ने अपने वक्तव्य दिए थे शर्म आनी चाहिए व शिवसेना के नेताओं को वीर सावरकर के बारे में कांग्रेसी और विपक्ष के लोग जिस भाषा से प्रयोग कर रहे हैं सावरकर को यह देश कभी भूल नहीं सकता है वीर सावरकर एक ऐसे वीर सेनानी थे जिन्होंने भारत की आजादी में एक अपना अलग नाम अंकित किया है वीर सावरकर महाराष्ट्र की शान के साथ ही पूरे भारत की शान थे उन्हें भारत रत्न मिले ना मिले वह वैसे ही भारत के महान रत्नों में एक रत्न है।.

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