Latest News

जनता की नाराजगी है, या सिर्फ राजनीत

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
(वरिष्ठ पत्रकार)

 आज भारत में नागरिकता संशोधन बिल पर जिस तरह घमासान राज्य के सरकारों की मदद से जैसे पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, दिल्ली ,राजस्थान, आसाम  जिससे नागरिकता संशोधन बिल पर बवाल मचा है और वास्तव में यह सिद्ध करता है कि देश के अंदर आज भी इतने देश विरोधी लोग मौजूद हैं जो देश में अमन चैन में रहना पसंद नहीं करते हैं क्योंकि भारत देश में नागरिकता संशोधन बिल लागू हुआ है उस पर भारत के अंदर रहने वाले किसी भी मुसलमान को कोई भी नुकसान नहीं होने वाला पर  जिस तरह से दंगा फसाद और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं वह वास्तव में एक दुखद है। समझना नहीं चाहते लोगों के बरगलाने पर अपने को ढाल लिया है इस तरह के हमला वारदात करके सरकारी तंत्र को जिस तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं यह धारणा कुछ लोगों में थी परंतु किन्ही कारणों से इनका उवाल निकल नहीं पा रहा था सरकार को चाहिए कि सख्त से सख्त इन लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए क्योंकि जिस तरह से लोगों के तेवर है मुझे नहीं लगता कि यह लोग इनकी भाषा शैली से इनके नेताओं की भाषा शैली से इनके सहयोगियों की भाषा शैली से यह लोग आज भी देश को काफी परेशानी खड़ी करने की स्थिति पैदा करते जा रहे हैं आप स्पष्ट समझ सकते हैं देश के अंदर नागरिकता संशोधन बिल के कोई महत्व नहीं रखता है यह बिल बांग्लादेश, अफगानिस्तान, पाकिस्तान में रह रहे लोगों के लिए जो हिंदू, बौद्ध ,सिख ,इसाई जिनका उत्पीड़न हो रहा है वहां पर आए दिन आप देखते हैं सुनते मीडिया के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक चैलनो के माध्यम से यह लोग किस तरह हिंदू सिख ईसाई ,बौद्ध ,जैन ,की बेटियों के साथ अभद्रता करते हैं और धर्म परिवर्तन कराते हैं यह कानून उनके लिए सरल हो गया है जो इन तीन

देशों पाकिस्तान बांग्लादेश अफगानिस्तान में जिन लोगों का उत्पीड़न हो रहा है और भारत आने में उनको सरलता इस बिल के माध्यम से प्रदान होगी परंतु बड़े अफसोस की बात है कि इस देश का मुसलमान जिससे हम अल्पसंख्यक नहीं कह सकते हैं जिनकी संख्या 24 करोड़ के लगभग है वह आज रोड केऊपर खड़े हैं और सरकारी तंत्र को हिलाए हुए हैं। कितना नुकसान उन्होंने सरकार की संपत्तियों को किया है और आज भी पूरे सिस्टम को परेशान कर रखा है। लेकिन आज विश्वविद्यालय के जिलों की परीक्षाएं होनी थी कहां-कहां से कोई गोरखपुर से आया था कोई बनारस से आया था कोई मुंबई से आया था पूरे देश से कहां-कहां से लोग परीक्षाएं देने आए थे लेकिन इसी विरोधाभास के कारणों से परीक्षाओं को निरस्त कर दिया गया कितनी बड़ी नुकसान हुई उन बच्चों की जो बच्चे पढ़ने के लिए तैयारी कर कर आए थे ।उनका भी नुकसान हुआ और पूरा पुलिस प्रशासन शांत को बनाने के लिए दिन-रात अथक प्रयास कर रहा है मुझे लगता है भारत के रहने वाले लोग भारत की कब सोच रखते हैं पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हितेषी ज्यादा लगते हैं नहीं यह बिल के पास होने पर जब इन लोगों को कोई नुकसान नहीं है तो यह लोग इस तरह से क्यों उपद्रव कर रहे हैं आज पूरा भारत जो लोग क्षेत्रीय दल जिनकी पार्टियां सिर्फ उन्हीं के बलबूते पर टिकी है जाति धर्म के आधार पर वह लोग आज भी एक मुद्दे को बनाकर कार्य कर रहे है। क्षेत्रीय पार्टी जातिवाद पार्टियों को देश से कोई लेना-देना नहीं है देश गर्त में जाए तो जाए जिस तरह नागरिकता संशोधन बिल पर बवाल मचा है यह एक नेताओं की सोची समझी राजनीति है लेकिन सरकार से जिस तरह यह सब नेताओं की सोची समझी राजनीति के तहत चल रहा है ।लेकिन सरकार से भी एक सवाल है सरकार जब 144 धाराएं लगा चुकी है 144 धारा जहां पर लगी होती है चार आदमी इकट्ठे नहीं हो पाते हैं फिर इतनी  लंबी बड़ी भीड़ कैसे हुई है। पहले से ही 4 आदमी ना इकट्ठे होते तो चार सौ से 4000 एकत्र होकर इस तरह के बवाल नहीं हो पाते पहले धारा 144 जो लगी है उसका पूर्ण पालन हेतु हर नुमाइंदे को इसके लिए सचेत रहना चाहिए कि यह धारा 144 संपूर्ण रूप से पालन हो यह सब तनाव की स्थिति को कम किया जा सकता है आज भारत में नागरिकता संशोधन बिल पर जिस तरह से लोगों के वक्तव्य आ रहे हैं टीवी में लोग अपने अपने विचारों को रख रहे हैं लगता है जो विचार रखते हैं उन्हें यही जानकारी नहीं है  यह नागरिकता संशोधन बिल है क्या है एनआरसी है  क्या जब एनआरसी और नागरिकता संशोधन में अंतर ही नहीं समझते हैं और दंगा कर रहे बवाल कर रहे है  उन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वाले बुला क्यों रहे, बैठा लेते हैं कहीं ना कहीं यह सब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी अच्छी सोच के लोगों को जगह ना देकर सिर्फ अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए हल्ला बोल हल्ला बोल जैसे लोगों को एकत्र करके और बैठा लेते आज भारत देश मैं जिस तरह के उपद्रव हो रहे हैं नागरिकता संशोधन बिल पर सरकार जिस दिन चलेगी उस दिन एक पत्ता हिल नहीं पाएगा ,यह मुझे विश्वास है पूरे देश को विश्वास है लेकिन सरकारों उस कड़ाई से इस्तेमाल नहीं कर रही है कि शायद अपने हैं समझ जाएं नहीं शक्ति के प्रणाम अच्छे अच्छी करते है। कानून के आगे सबको झुकना पड़ता है सरकार के आगे अच्छे अच्छे लोग घुटने टेक देते हैं सरकार अगर शक्ति पर जिस दिन आ जाएगी उस दिन सव ठीक हो जाएगा, सरकारी बसें सरकारी भवन किसी का नुकसान यह   नहीं कर पाएंगे यह मुझे पूरा विश्वास है लेकिन शायद लोग समझते हैं कि सरकार हम से दब गई है सरकार दबी नहीं सरकार एक सवका साथ सबका विकास करती है समझाने का समझने का कि शायद सही रास्ते पर आ जाए इत्पथर एवं गोली खाकर भी सरकार के नुमाइंदे चुप रहते हैं क्यों सिर्फ इसलिए कि अपने हैं आज नहीं तो कल रास्ते पर भआ जाएंगे लेकिन जब हद पार कर देंगे तो सरकार कुछ घंटों में ही पूरे देश में हालात नॉर्मल लाने में सक्षम है। उत्तर प्रदेश सरकार ने शक्ति दिखाते हुए दंगाइयों के ऊपर और दंगाइयों के समर्थकों पर कार्रवाई करना शुरू कर दी है यह बहुत ही अच्छी स्थित मिलाने के लिए यह निर्णय लिया जाना बहुत ही अच्छा प्रतीत होता है क्योंकि दंगाई हद पार कर रहे हैं।दंगाइयों से जब पूछा जाता है आप किस के लिए यह पत्थर फेंक रहे तो उन्हें नहीं पता है वह सिर्फ लोगों के कहेने पर आकर यह सब तव्हाई मचाया जा रहा है जिसे शांत करने की बहुत ही आवश्यकता है।

No comments