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आयरन की कमी से होने वाले रोगों के बारे में दी गई जानकारी

हमीरपुर, महेश अवस्थी । एनिमिया मुक्ता भारत अभियान के तहत जिले के परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को मिड-डे-मील के बाद आयरन की गोलिया खिलायी गई। अभियान के तहत बच्चों को ये गोलियां अध्यापकों की निगरानी में दी गई और उन्हें बताया गया कि आयरन की कमी से तमाम बीमारियां होती हैं। केन्द्र सरकार ने एनिमिया के खिलाफ अभियान छेड़ा है जिसका मकसद आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ रखना है। स्कूलों के साथ साथ आंगनबाड़ी केन्द्रों और हेल्ड एण्ड वेलनेस सेण्टर में खास दिनों में बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाई जाती हैं। बच्चों ने नारे लगाये। बच्चों ने भी नारे लगाये। आयरन की गाली खायेंगे। ऐनिमिया को हटायेंगे। नोडल

अधिकारी एसीएमओ डाॅ रामऔतार ने कहा कि परिषादीय स्कूलों में बच्चों को आयरन की गोली देने का प्रशिक्षण दिया गया है। सभी प्रशिक्षित हैं। सावधानी के साथ दवायें देते हैं और इसके नतीजे भी अच्छे आ रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि जिले में 735 ऐसी किशोरियां जो किसी भी स्कूल में रजिस्टर्ड नहीं हैं, प्रत्येक माह की आठ तारीख को किशोरी दिवस और 25 तारीख को लाडली दिवस पर आयरन की गोली, टीकाकरण, एलबेण्डा जोल की दवा और बिटामिन सी की खुराक दी जाती हैं। उनका स्वास्थ्य कार्ड बनाया जाता है। कुरारा ब्लाक के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुसमरा की प्रधानाध्यापिका वर्षा सिंह ने आयरन की कमी से होने वाले रोगों के बारे में बच्चों को जागरूक किया। जिसकी कमी से कई बीमारियां पैदा होती हैं। खासतौर पर छात्रायें एनिमिया की शिकार होती हैं। सहायक अध्यापक संदीप कुमार, अनन्त प्रकाश साहू, अंजना देवी, करिश्मा ओमर ने बच्चों को आयरन की गोलिया खिलाई।

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