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खेती के साथ बागवानी कर मिशाल पेश की हकीम ने

हमीरपुर, महेश अवस्थी । मौदहा विकासखण्ड के नारायच में हाजी हकीम खां के बाग का वैज्ञानिकों की टीम ने निरीक्षण किया तो किसान ने बताया कि चार वर्ष पूर्व कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डाॅ एसपी सोनकर के सम्पर्क में आया तो उन्होंने खेती के साथ बागवानी करने की सलाह दी। सात बीघा खेत में बाग का रेखाकंन कराके मुसम्मी का बाग लगवाया। तकनीकी जानकारी देते हुये बाग लगाने के लिये गड्ढा खोदाई उसमें जैविक सड़ी गोबर की खाद डालने का तरीका बताया। आज मेरा बाग फलन की स्थिति में है, जिसके बीच में गेंहू की फसल
भी ले रहा हूं। डाॅ सोनकर ने किसान को बताया कि प्रक्षेत्र के चारों ओर बायोहैज फैन्सिंग के लिये कलमी बेल और करौंदा को दो मीटर की दूरी पर लगाये। सागौन के पौधे भी रोपित करायें ताकि वनरोज छलांग लगाकर प्रक्षेत्र में न घुस सकें। गेंहू की फसल के साथ मुसम्मी की भी फसल अच्छी है। उद्वान विभाग ने औद्यानिक मिशन के तहत तीन हजार रुपया प्रति माह तीन वर्ष में देखकर प्रोत्साहित किया है। आयुक्त आलोक रंजन चित्रकूट धाम मण्डल ने बाग देखकर किसान को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पूर्व सहायक निदेशक एम हबीब खान ने प्रक्षेत्र के मिट्टी का विश्लेषण कर सूक्ष्म तत्व डालने के लिये प्रेरित किया। बुन्देलखण्ड की काबर मिट्टी में मुसम्मी का बाग आसानी से तैयार हो जाता है। अब बाग उत्पादन हेतु तैयार है। इसके लिये किसान को फार्म में जाकर जानकारियां दीं। 

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