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किसानों की समस्याओं के निस्तारण में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी: डीएम

पराली जलाये जाने से भूमि की उर्वरा शक्ति को क्षति पहुंचती है

हमीरपुर, महेश अवस्थी । जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर  जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुनकर उनके निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों द्वारा प्राथमिकता के साथ निस्तारण किया जाए इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए ।जिलाधिकारी ने कृषकों से अपील की कि पराली किसी भी दशा में ना जलाई जाए, पराली जलाए जाने  की घटना को सेटेलाइट के माध्यम से देखा जा रहा है इन घटनाओं का संबंधित खेत के खसरा, खतौनी में भी अंकन किया जाता है तथा नियमानुसार कार्यवाही की जाती है इसके अंतर्गत आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जेल भी जाना पड़ सकता है , पराली जलाए जाने से भूमि की उर्वरा शक्ति को गंभीर रूप से क्षति पहुंचती है तथा

भूमि धीरे-धीरे बंजर होने लगती है। उन्होंने कहा कि कृषकों द्वारा जैविक खेती की जाए। तथा फसलों का चयन भूमि की प्रकृति के अनुसार किया जाए । उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा जिन कृषकों की धनराशि जमा करा ली गई उनको शीघ्र सामान दिया जाए। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन में अभी मीटर नहीं लगा है उनकी बिलिंग ना चालू किया जाए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की समस्याएं बार-बार नहीं आनी चाहिए, विद्युत विभाग द्वारा कृषकों को अनावश्यक परेशान ना किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषकों को  खेती में नई नई तकनीक अपनाने के संबंध में कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण दिलाया जाए । उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के दृष्टिगत सिचाई हेतु ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति को अपनाया जाए इससे फसल उत्पादन में वृद्धि होती है तथा पानी का दोहन भी नहीं होता है । जिलाधिकारी ने कहा कि खेत तालाब योजना का कार्य मानक के अनुसार पूर्ण हो इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होनी चाहिए अन्यथा कठोरतम कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने कहा कि  किसान दिवस में कृषकों द्वारा जो समस्याएं बताई जाती हैं उन सभी बिंदुओं को कार्यवृत्त में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कृषकों के जैविक उत्पाद के विक्रय हेतु कृषि विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जाए। कृषकों को फसल बीमा योजना के प्रकरणों में समय बद्ध ढंग से मुआवजा दिलाया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि किसान भाई खरीफ की प्याज उगाने पर ध्यान दिया जाए तथा फूलगोभी के स्थान पर ब्रोकली की खेती को तवज्जो दिया जाए इससे किसानों को दोगुनी आमदनी प्राप्त होगी। उपनिदेशक कृषि जेएम श्रीवास्तव ने बताया कि किसान दिवसों का आयोजन रोस्टर के अनुसार किया जा रहा है अगला किसान दिवस का आयोजन मौदहा तहसील में 15 जनवरी को 11ः00 बजे से 2ः00 बजे तक इसके पश्चात तहसील सरीला में 19 फरवरी तथा तहसील राठ में 18 मार्च को किसान दिवस का आयोजन किया जाएगा इसमें इच्छुक किसान बंधु  प्रतिभाग कर अपनी समस्याओं से अवगत करा सकते हैं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ,जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी तथा सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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