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कमलेश कमल का हिन्दी भाषा के लिए योगदान पाठ्यपुस्तक में शामिल...



'कमल की कलम' का प्रतीक-चिन्ह विमोचित

इंदौर, पवन कश्यप। भाषाविद् एवं वैयाकरण कमलेश कमल हिन्दी जगत् में किसी परिचय के मोहताज़ नहीं है। पुलिस विभाग में डिप्टी कमान्डेंट के पद पर आसीन व 'मातृभाषा उन्नयन संस्थान' के राष्ट्रीय महासचिव कमलेश कमल के भाषा-विज्ञान के क्षेत्र में योगदान को चिन्हित करते हुए 'हिन्दी भाषा एवं साहित्य के अद्यतन इतिहास' नामक साहित्य इतिहास की पुस्तक में उन्हें समकालीन दौर के प्रमुख हस्ताक्षर के रूप में वर्णित किया गया है। 
यह पुस्तक विश्वविद्यालय के भाषा एवं साहित्य के विद्यार्थियों द्वारा अत्यधिक पसंद की जा रही है। 

चर्चित पुस्तक 'बृहद् व्याकरण कोश' के लेखकद्वय डॉ किशना राम माहिया और डॉ विमलेश शर्मा ने उक्त पुस्तक को वर्षों के श्रम से तैयार किया है।
बता दें कि श्री कमल ने विगत 15 वर्षों से विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं एवं ब्लॉग के माध्यम से शब्दों की व्युत्पत्ति एवं मानक प्रयोग को लेकर एक अभियान छेड़ रक्खा है। आपने हिन्दी भाषा को पाठशोधन (प्रूफरीड), नकलचेप (कॉपी पेस्ट), पटलचित्र (स्क्रीनशॉट), भावचित्र (इमोजी), स्मृतिश्लेश (नोस्टाल्जिया), शून्यकाय (ज़ीरो फीगर) जैसे शताधिक शब्द दिए हैं।

श्री कमल 11 लाख हिन्दी प्रेमियों की संस्था मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय महासचिव एवं हिन्दी ग्राम के राष्ट्रीय संयोजक भी हैं। 'कमल की कलम' नाम से आपका ब्लॉग हिन्दी प्रेमियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। हाल ही में मातृभाषा उन्नयन संस्थान ने 'कमल की कलम' का आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (लोगो) भी जारी किया है।

मीडिया से बात करते हुए मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन 'अविचल' ने बताया कि 'हम किसी साहित्यकर्मी के दिवंगत होने पर तो उन्हें ख़ूब सम्मान देते हैं, पर उनके जीवनकाल में उनके अवदान को यथेष्ट सम्मान नहीं देते। श्री कमल का अवदान विभिन्न हिन्दी संस्थानों द्वारा चिन्हित किया गया और अब पाठ्यपुस्तक में आ जाना एक शुभ संकेत है।' उन्होंने जानकारी दी कि 'संस्थान श्री कमल के समस्त कार्यों को डिजिटल रूप में संरक्षित भी कर रहा है। संस्थान इसी तरह समकालीन प्रमुख साहित्यकारों के अवदान को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए शोध अकादमी भी तैयार कर रहा है।'
श्री कमल की इस उपलब्धि पर संस्थान की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नीना जोशी, मुकेश मोलवा, गणतंत्र ओजस्वी, रिंकल शर्मा, मृदुल जोशी, शिखा जैन, अंजलि वैद, मधु खंडेलवाल, धीरज अग्रवाल, रश्मिलता मिश्रा आदि हिंदीयोद्धाओं ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

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