Latest News

सीता हरण और बालि वध लीला का मंचन

बांदा, कृपाशंकर दुबे  । पनगरा में आयोजित दस दिवसीय रामलीला में शूर्पनखा की नाक कटी लीला का मचन किया गया। इसके साथ ही सीता हरण, शबरी नवधा भक्ति और बालि वध का मंचन किया गया। लीला में भगवान राम से विवाह के लिए आई रावण की बहन के शूर्पणखा के सीता को मारने के लिए उद्यत होने पर लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी। इसके बाद खरदूषण वध, सीता हरण एवं राम-लक्ष्मण के माता शबरी के आश्रम में जाने पर राम द्वारा शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश दिया गया। इसके बाद भगवान राम द्वारा सुग्रीव को प्रताड़ित
रामलीला का मंचन करते कलाकार 
करने वाले किसकिन्धा के राजा बालि का वध किया गया। 
इसके पूर्व पूर्व प्राचार्य आचार्य माता प्रसाद शुक्ल के श्रीमुख से चल रही श्रीमद्भागवत पुराणा कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा हुई। इस लीला को देखने के लिए क्षेत्रीय नागरिकों की बड़ी भीड़ एकत्र थी जिसमें डॉ. परमानन्द वाजपेयी, डा. अर्चना वाजपेयी, उमाचरण वाजपेयी, विष्णुकान्त त्रिपाठी, श्याम प्रकाश शुक्ल पन्ना, राजेन्द्र द्विवेदी ओरन, गिरिराज दीक्षित, शिवधनी पाण्डेय, प्रेमप्रकाश मिश्र, अवधेश मिश्र, रामबहादुर त्रिपाठी एडवोकेट, बाबू द्विवेदी, राकेश द्विवेदी, सीताशरण यादव, आयुष ग्राम ट्रस्ट के ट्रस्टी राकेश प्रताप सिंह ‘भइया जी’ श्री अनन्तराम त्रिपाठी एडवोकेट, डा. अवध बिहारी द्विवेदी नरैनी सहित दिव्य चिकित्सा भवन एवं आयुष ग्राम (ट्रस्ट) के समस्त कर्मचारियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। 

No comments