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गौ आश्रय केन्द्रों में बंद एक दर्जन गौवंशों की मौत

नहीं थे पर्याप्त इंतजाम 

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । अन्ना गौवंशों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी लगातार बैठकें व गौशालाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। बावजूद इसके गौ आश्रय केन्द्रों की स्थिति बदतर है। बीती रात ओला व बारिश के चलेते लगभग एक दर्जन अन्ना जानवरों की मौत हो गई। जबकि दर्जनों बीमार हुए हैं। 
गुरुवार को दोपहर बाद अचानक बारिश व ओला वृष्टि से गांवों में बनी गौशालाओं में बंद अन्ना मवेशियों में हलचल मच गई। जिससे कर्वी ब्लाक क्षेत्र के घुरेटनपुर गौशाला में चार गौवंशों की मौत होने के साथ ही आधा दर्जन गौवंश बीमार हो गए। इसी प्रकार मऊ तहसील क्षेत्र के बरगढ़ थाना अंतर्गत हर्दी कला गांव में चार बछडे व एक गौवंश की मृत्यु हुई है। तीन मवेशी बीमार हैं। इसके अलावा पहाडी ब्लाक क्षेत्र के तौरा गौशाला में एक बछडे की मृत्यु होने की सूचना मिली है। सवेरे गौवंशों के मृत्यु होने की जानकारी मिलने पर अधिकारी पशु चिकित्सकों के साथ पहुंचे और बीमार गौवंशों का इलाज कराया। मृत मवेशियों के पोस्टमार्टम को भेजा है। सीडीओ डा महेन्द्र कुमार ने घुरेटनपुर गौशाला पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान चारा-पानी के लिए चरही नहीं मिली। जिस पर सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल निर्माण व ठंड से बचाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। 

221 गौशालाओं में नहीं है टीनशेड
चित्रकूट। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी केपी यादव ने बताया कि जनपद में तीन सौ गौशालायें हैं। 79 में टीनशेड बन गए हैं। सभी गौशालाओं में ठंड से बचाव के लिए तिरपाल आदि की व्यवस्था कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अचानक बारिश होने के चलते जानवरों के बीच भगदड़ व मारामारी के चलते मौत हुई है। कुछ जगह ओला गिरने से चपेट में आए गौवंशों की जाने गई हैं।

लापरवाही के चलते बदहाल गौवंश केन्द्र
चित्रकूट। बीते दिनो बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए थे कि प्रत्येक गौशालाओं की देखरेख के लिए अधिकारियों को एक-एक गौशाला आवंटित करें। इस पर उन्होंने सूची बनाकर संबंधित गौशाला को अधिकारियों के लिए चिन्हित किया था। बावजूद इसके लापरवाही के चलते कई गौशालाओं में व्यवस्थायें बदहाल हैं। जिसके चलते गुरुवार को एक दर्जन गौवंशों की मृत्यु हो गई। 
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