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कानपुर महापौर और वरिष्ठ पार्षद महेंद्र शुक्ला दद्दा में भिड़ंत,

आरोप-प्रत्यारोप, सदन की बैठक के बहिष्कार का ऐलान
कानपुर में महापौर प्रमिला पांडेय और भाजपा पार्षद दल केउप नेता (सदन) वरिष्ठ पार्षद महेंद्र शुक्ला दद्दा के बीच चल रही तनातनी नगर निगम सदन में खुलकर सामने आ गई। दद्दा ने अपनी ही पार्टी की महापौर पर उनके साथ पक्षपात करने, फाइलें रोकने का आरोप लगाते हुए जवाब मांग

कानपुर गौरव शुक्ला:-यह मामला सदन में उठाने लायक न होने का हवाला देने के बाद मामला तूल पकड़ता देख महापौर को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने पक्षपात से इनकार करते हुए सभी 110 पार्षदों को समान नजर से देखने की बात कही।

सदन की बैठक में महेंद्र शुक्ला दद्दा ने कहा कि यहां शहर से लेकर प्रदेश, केंद्र तक में उनकी पार्टी की सरकार है, फिर भी उनकी फाइलें महापौर वार्ता लिखकर रोक रही हैं। उनकी फाइलें क्यों रोकी जा रही हैं महापौर बताएं? महापौर जवाब देने लगीं तो भाजपा पार्षद विकास जायसवाल ने रोकी गई फाइलों की जांच कराने पर जोर दिया।

महापौर और दद्दा में आरोप-प्रत्यारोप के दौरान भाजपा पार्षद दो गुटों में बंटे नजर आए। बवाल बढ़ता देख महापौर ने उद्यान अधीक्षक वीके सिंह को स्थिति स्पष्ट करने के लिए सदन पटल पर बुलाया। वीके सिंह ने सदन को बताया कि महापौर और मुख्य अभियंता ने फाइल पर वार्ता के लिए लिखा है, पर वार्ता नहीं हो पाई है।

बाद में दद्दा, धीरू त्रिपाठी आदि ने नगर आयुक्त के सदन में न होने की बात कह कर सदन की बैठक के बहिष्कार का ऐलान किया, हालांकि उनके साथ तीन पार्षद ही सदन से बाहर गए। दरअसल, महापौर और दद्दा में करीब छह महीने से विकास कार्यों के मामले में तनातनी चल रही है।

तीन महीने पहले भी दोनों में पाले खिंचे थे। पार्टी के कुछ नेताओं ने दोनों में सुलह कराने की कोशिश की, पर बात नहीं बनी। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ पार्षद महेंद्र शुक्ला ने पिछले कार्यकाल के दौरान 2014 में अपने वार्ड में उद्यान विभाग से संबंधित विकास कार्य की फाइल बनवाई थी, यह फाइल महापौर प्रमिला पांडेय के पास पहुंची तो उन्होंने इस पर वार्ता लिख दिया, इसी से दोनों में तनातनी शुरू हुई।

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