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अभी तक छुट्टा घूम रहे हैं पत्रकार के हत्यारोपी

चौदह माह बीत जाने के बावजूद नहीं हो सकी कार्रवाई 
पत्रकार की बेटियां न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहीं 
न्याय न मिलने पर अब आत्महत्या का मन बना रहीं

बांदा, कृपाशंकर दुबे । रहम की आस में एहतराम क्या करना, जहां बेदर्द हाकिम हों, वहां फरियाद क्या करना। इन दोनो लाइनों के चंद शब्द अतर्रा कस्बे के पत्रकार देवीशंकर सोनी की हत्या के मामले पर बिल्कुल सटीक बैठते हैं। पत्रकार की बेटियां लगातार आरोपियों को सजा दिलवाने के लिए दर-दर भटक रही हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। आरोपी धमकी जरूर दे रहे हैं। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेंगी। 
कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने आईं मृतक पत्रकार की बेटियां व अन्य परिजन 
ज्ञापन में मृतक देवीशंकर सोनी की बेटियों गीता सोनी नेमा, प्राची सोनी, नंदनी सोनी और दीक्षा के अलावा रामदीन सोनी, धनंजय, अखिल, दीपक ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि अब वह बहुत ही असहाय हो चुके हैं। क्योंकि न्याय पाने के लिए उनके परिजन अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं। 14 माह का समय बीत गया, दो लोगों के ऊपर चार्जशीट नहीं लगी और न ही अपराधी जेल भेजे गए। लगातार अतर्रा में ही घूमते रहते हैं और अक्सर धमकी देते हैं कि मारने के बाद ही वह जेल जाएंगे। ज्ञापन में पीड़ितों ने इस बात का उल्लेख किया है कि अब उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा है। इससे पहे कि अपराधी उन्हें मार डालें, क्यों न वह आत्महत्या कर लें। ज्ञापन में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि यूपी सरकार बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा दे रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन दबाव और भ्रष्टाचार के चलते पीड़ित परिवार को शस्त्र लाइसेंस नहीं दे रहा है। इससे परिवार की मुखया की जान खतरे में है। अगर परिवार के मुखिया को कुछ हो गया तो बेटियों का क्या होगा। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाई जाए। इधर, मृतक देवीशंकर की बेटियों ने ज्ञापन में कहा है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो बेटियां जान देने के लिए मजबूर हो जाएंगी। 

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