Latest News

बरिश से सड़ने लगी धान की फसल

किसानों की बढ़ने लगी हैं धड़कनें 

अतर्रा, कृपाशंकर दुबे । लगातार 3 दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है । खेतों में पानी भर जाने के कारण कटी पड़ी धान की फसल पूरी तरह से सड़ रही है। जबकि ओला गिरने व बारिश से रबी की फसल भी जमींदोज हो गई।
खेतों में पड़ी धान की फसल 
गुरुवार के दिन से शुरू हुई बरसात ने किसानों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। भारी बारिश के साथ ओले गिरे जिससे धान की फसल सड रही है धान के अंदर का चावल काला पड चुका है। खलिहानों पर पडा धान जम उठा है ,फसलें पूरी तरह से चैपट हो जाने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई है। रबी की फसल गेहूं चना सरसों भी मिट्टी में मिल गया, और गेहूं का बोया गया बीज सडकर नष्ट हो गया है । किसानों पर प्रकृति ने वारिस और ओले के साथ दुखों का पहाड़ फेंक दिया है। शुक्रवार की शाम से तेज बारिश के साथ अतर्रा सहित महोतरा और दिखतवारा मसुरी में ओले भी गिरे हैं।महोतरा के किसान रमेश तिवारी दिखितवारा के राहुल गौतम रामसुख गौतम मसुरी के जयनारायण त्रिपाठी रामलाल बाबू बच्चा देशराज लल्लू अरविंद आदि किसानों ने सरकार से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिए जाने की सरकार से मांग की है ।


No comments