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सड़क निर्माण कंपनी की लापरवाही से सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न

पीड़ित किसानों की फसलें हुयी नष्ट, पानी की उठायी मांग
लंबे समय से अवरुद्ध है उरई-राठ संपर्क मार्ग का निर्माण

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । उरई राठ रोड के निर्माण के दौरान ध्वस्त की गई पुलियो का फिर से निर्माण न किये जाने से नहर व रजबहे का पानी किसानों के खेतों में भर गया है। इससे लगभग दो सौ एकड़ में बोई गई फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। किसानों का आरोप है कि हाईवे के अधिकारी कुछ स्थानों पर पुलिया नहीं बना रहे हैं। इस कारण ही नहरों का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में घुस रहा है। गुस्साए किसानों ने गुरुवार को एसडीएम और डकोर इंस्पेक्टर को प्रार्थना पत्र देकर मुआवजे की मांग की है। साथ ही हाइवे के अधिकारियों पर हीलाहवाली का आरोप लगाया।


डकोर क्षेत्र का किसान सात सालों से प्राकृतिक की मार झेल रहा है। कभी सूखा, कभी भारी बारिश तो कभी अधिकारियों की हिलावहाली से त्रस्त हो गया है। इस बार किसानों को भरोसा था कि इस साल अच्छी फसल पैदा कर अपना कर्ज चुकता कर देंगे। मगर इस बार प्राकृति ने तो अपना कहर नही बरपाया मगर उरई राठ रोड के निर्माण में ध्वस्त की कई पुलियों ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। डकोर ब्लॉक के अंतर्गत उरई से मुहाना तक स्टेट हाईवे प्रस्तावित है। काफी समय बाद अब हाईवे का काम शुरू हुआ है तो किसानों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि रोड पर पहले जहां पर पुलिया थी, वहां पुलिया बंद कर सीधे हाईवे निकाला जा रहा है। इससे नहरों का वह पानी जो पहले बहकर एक ओर से दूसरी ओर निकल जाता था, अब लौटकर खेतों की ओर आ रहा है। इस कारण फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। घटना से गुस्साए किसान विपिन महाराज, मुखिया यादव, बंटी वर्मा, अशोक राजपूत, हरभान राजपूत, लला महाराज आदि किसानों ने एसडीएम और डकोर इंस्पेक्टर बीएल यादव को प्रार्थना पत्र देकर मुआवजे की मांग की है। किसानों ने बताया कि फसलें जलमग्न हो जाने से पूरी तरह बर्बाद हो गए है। एक बार फिर साहूकारों से कर्ज लेना पड़ेगा।

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