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पुलिस की घुड़की पर सपाइयों ने तरेरी आंखें

जबरन धरना खत्म कराना चाहती थी पुलिस, भड़क उठे सपाई 
पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए, केंद्र व प्रदेश सरकार पर बरसे 
धरना स्थल पर ही अपर जिलाधिकारी को सपाइयों ने सौंपा ज्ञापन 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । समाजवादी पार्टी पदाधिकारियों ने प्रांतीय आवाहन पर अशोक स्तंभ तिराहे के समीप धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। धरने के दौरान सपाइयों ने केंद्र और प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर खरीखोटी सुनाई। तकरीबन दो बजे सीओ सिटी ने सपा जिलाध्यक्ष को धरना खत्म करने की बात कही अन्यथा की स्थिति में बल प्रयोग के लिए इशारा किया तो मंचासीन सपाइयों का पारा चढ़ गया। सीओ सिटी की घुड़की पर सपाइयों ने धरना न खत्म करने की बात कही और कहा कि अगर पुलिस धरना खत्म कराना चाहती है तो करा ले। आक्रोशित सपाइयों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और उत्तेजित होने लगे। बाद में मंचासीन पदाधिकारियों के संबोधन के दौरान सपाइयों का गुस्सा शांत हो सका। सपाइयों ने 18 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन धरना स्थल पर ही अपर जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात रहा। 

सपाइयों के प्रदर्शन के दौरान तैनात पुलिस फोर्स 
जनसमस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से अशोक स्तंभ के समीप धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। धरने के दौरान सपाइयों ने एनआरसी को भी टारगेट में रखा। सपाइयों ने कहा कि भाजपा सरकार नागरिकता संशोधन बिल लाकर देश और समाज को बांटने का काम कर रही है। इस बिल से समाज में तनाव और आक्रोश व्याप्त हो गया है। यह केंद्र सरकार द्वारा भ्रमित करने की राजनीति है, ताकि जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाया जा सके। सपाइयों ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न वर्ग की समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता बरतने पर सपाइयों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। कहा कि समाजवादी पार्टी विभिन्न वर्गों के लोगों को न्याय दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए धरने पर बैटी है। सपाइयों का धरना चल ही रहा था कि तकरीबन दो बजे के इर्द-गिर्द सीओ सिटी आलोक मिश्र मंच के पास पहुंचे और जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी से धरने को खत्म करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि अगर धरना खत्म नहीं होता तो फिर सख्ती बरती जाएगी। इस पर मंचासीन सपाइयों का गुस्सा सातवें आसमान को छू गया और धरना दे रहे सपाइयों में हलचल मच गई। पुलिस की घुड़की पर सपाइयों ने आंखें तरेरते हुए कहा कि धरना अपने समय से ही समाप्त होगा। अगर पुलिस बल प्रयोग करके धरना समाप्त कराना चाहती है तो करा ले। इसके बाद नाराज सपाइयों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। बमुश्किल सपाइयों का गुस्सा शांत हो सका। सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त पुलिस फोर्स सड़क पर मौजूद थी। काफी समय के बाद सपाइयों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को धरना स्थल पर ही 18 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सपाइयों ने नागरिक संशोधन बिल को निरस्त करने,
अशोक स्तंभ तिराहे के पास खड़े सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी, सीओ अतर्रा और सीओ लाइन 
दुष्कर्म व हत्याओं के दोषियों को घटना के 30 दिन के अंदर दंडित करने, ओलावृष्टि से किसानों को हुई क्षति का मुआवजा देने, किसानों का पिछले वर्षों का लगभग पांच हजार करोड़ रुपए गन्ना मूल्य अभी तक गन्ना मिल मालिकों द्वारा भुगतान नहीं किया गया, जो ब्याज सहित 31 दिसंबर तक भुगतान कराए जाने, धान क्रय केंद्रों पर बिचैलियों का खात्मा करने, धान केंद्रों पर बोरे उपलब्ध करााए जाने, बिजली की बढ़ी दरों को वापस लिए जाने, बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण करने, छात्रों की बढ़ी फीस वापस लेने आदि मांगें शामिल रहीं। 
धरने में राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, पूर्व विधायक बबेरू विशंभर सिंह यादव, वरिष्ठ सपा नेता लाखन सिंह, नगर पालिकाध्यक्ष मोहन साहू, ओमनारायण त्रिपाठी, पुरुषोत्तम अवस्थी, पवन साहू, अजय निषाद, मुशीर अहमद, रानी देवी, सुनीता रायकवार, जुबैदा खातून, मनोज वर्मा, पीयूष गुप्ता, रामकिशुन यादव, योगेश, लल्लू निषाद, मनोज वर्मा, शकील अंसारी, वृंदावन, रामबाबू यादव, मनोज निगम लाला, जगदीश कुशवाहा, आमिर खान मन्नी, बबलू श्रीवास, सलीम मंसूरी, अनुपम लौहवंशी प्रदीप जड़िया, प्रदीप यादव, बीपी यादव आदि तमाम सपाई मौजूद रहे। 

हेलमेट, डंडे से लैस नजर आई पुलिस 

बांदा। समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा दिए जा रहे धरने के मद्देनजर पुलिस फोर्स हर परिस्थिति से
प्रदर्शन करते सपा छात्र सभा के पदाधिकारीगण 
निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार थी। पुलिस कर्मियों ने जहां हेलमेट लगा रखा था वहीं उनके हाथ में डंडा भी था। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी भी खड़ी करा ली गई थी, ताकि किसी भी परिस्थिति से निपटा जा सके। पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स भी तैनात रही

सपा छात्र सभा ने भी किया प्रदर्शन 

बांदा। समाजवादी पार्टी छात्र सभा के पदाधिकारियों ने भी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय दिलाए जाने की मांग की। इसके साथ ही एनआरसी पर रोक लगाने की मांग 
अशोक स्तंभ के समीप धरना देते समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी 
छात्रसभा पदाधिकारियों ने की। सपा छात्रसभा पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार जनता का ध्यान भटका रही है। महंगाई से लोग परेशान हैं। समस्याओं का निस्तारण किए जाने की मांग छात्रसभा पदाधिकारियों ने की। 

बड़े वाहनों का प्रवेश रोका गया 

बांदा। अशोक स्तंभ के समीप सपाइयों के धरने के दौरान पुलिस ने सतर्कता बरती। जजी चैराहे से अशोक स्तंभ की तरफ और जेल तिराहे से संकट मोचन की तरफ चार पहिया वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया था। तकरीबन तीन से चार घंटे तक चले सपाइयों के धरने के दौरान महज दोपहिया वाहनों का चक्का ही घूमता रहा। 


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