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जीएसटी से सरलता, सहजता, पारिदर्शिता बढ़ेगी: डीएम

हमीरपुर, महेश अवस्थी । जिलाधिकारी डाॅ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि प्राचीन काल से लेकर वर्तमान तक कर व्यवस्था की अपनी उपयोगिता रही है। वर्तमान अप्रत्यक्ष एकल कर प्रणाली जीएसटी 01 जुलाई 2017 से प्रारंभ हुआ है। इससे विभिन्न प्रकार के करों का विलय कर एकल कर बनाया गया ताकि पूरे देश में मुक्त व्यापार किया जा सके तथा उपभोक्ताओं व व्यापारियों को परेशान ना होना पड़े। जीएसटी से सरलता, सहजता ,सुगमता व पारदर्शिता बढ़ी है। इससे दूसरे राज्यों से भी आसानी से व्यापार किया जा सकता है। वे जीएसटी के संबंध में व्यापारियों के मध्य विद्यमान भ्रांतियों को दूर करने तथा  जीएसटी में व्यापारियों का अधिक से अधिक पंजीयन कराए जाने के उद्देश्य से गोष्ठी में बोल रहे थे। 
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी व्यापारियों द्वारा जीएसटी में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराकर इनके लाभ लिए  जाएं इसके अंतर्गत इनपुट क्रेडिट का लाभ  तथा जीएसटी  में पंजीयन होने से  व्यापारी का निशुल्क बीमा पॉलिसी से भी आच्छादन हो जाता है जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना में 1000000 (दस लाख) तक का मुआवजा दिये जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में पंजीयन के उपरांत एनपीएस ट्रेडर्स योजना का भी लाभ लिया जा सकता है इसके अंतर्गत  18 से 40 वर्ष तक के व्यापारी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके अंतर्गत 60 वर्ष के पश्चात 3000 की मासिक पेंशन दी जाती है। जिलाधिकारी ने 20 बड़े करदाताओं को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्य कर सरिता सिंह ने कहा कि पूर्व की कर प्रणाली में अलग-अलग स्तरों पर कर लगाया जाता था किंतु अब एकल कर लगाने से पारदर्शिता बढ़ी है तथा व्यापारियों को टैक्स जमा करने में सहजता हुई है।  उन्होंने कहा कि जीएसटी में पंजीयन के समय व्यापारियों द्वारा अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर व ईमेल एड्रेस दिया जाए क्योंकि अब व्यापारियों को जीएसटी विभाग द्वारा सभी कार्यवाही ऑनलाइन की जाती है तथा उनको नोटिस व सभी जरूरी सूचनाएं  ऑनलाइन ही मोबाइल नंबर व ईमेल पर भेजी जाती है ।
इस दौरान उपायुक्त वाणिज्य कर जयसेन ने कहा की जी0एस0टी0 सहित अन्य जमा किये जाने वाले करो  से ही सरकार को राजस्व मिलता है तथा उस  कर  से  कल्याणकारी योजनाओं को संचालित किया जाता है यही कल्याणकारी राज्य की अवधारणा है। उन्होंने कहा कि  व्यापारियों द्वारा समय से रिटर्न दाखिल किया जाए अन्यथा 50000 की पेनाल्टी देनी पड़ती है। 500000000 (पांच करोड़) से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों को त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करना पड़ता है तथा 5 करोड़ रुपए से  अधिक  के टर्नओवर वाले व्यापारियों को मासिक रिटर्न दाखिल करना पड़ता है । उन्होंने कहा कि व्यापारी कहीं से भी अपना पंजीयन करा सकते हैं इसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा एचएसएन कोड की आवश्यकता होती है  जिसके बाद तीन दिवस में पंजीयन हो जाता है। 
जिलाध्यक्ष बीजेपी ब्रज किशोर गुप्ता ने कहा कि पहले व्यापारियों को सामान लोड होने के पश्चात गाड़ी ध् वाहन जब तक अपने गंतव्य स्थल पर नहीं पहुंच जाता था तब तक व्यापारी चैन से नहीं सो पाते थे किंतु एकल व पारदर्शी कर प्रणाली तथा जीएसटी में पंजीयन हो जाने के पश्चात अब ऐसी समस्या नहीं होती हैं जीएसटी से पारदर्शिता व सुचिता बढ़ी है ।उन्होंने कहा कि जीएसटी का उद्देश्य व्यापारियों को किसी बिचैलिए के चक्कर में ना पढ़कर सीधे टैक्स जमा करना तथा उसको लाभ पहुंचाना है। 

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