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Monday, December 16, 2019

ओलों की बरसात से हुई फसलों के नुकसान की तस्वीर धुंधली

पीड़ित अन्नदाता खेतों की दुर्दशा देख सदमे में डूबे

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । विगत दिवस जनपद के सैकड़ा भर से ज्यादा गांवों में प्रलयंकारी रूप से ओलों की बरसात से जहां खेतों में लहलहाती हजारों एकड़ की फसलें पूर्ण रूप से नष्ट हो गयी तो वहीं अब तक प्रशासनिक अमला कितने गांवों में कितने प्रतिशत फसलें नष्ट हुयी है उसका आंकलन न करने से नुकसान की तस्वीर धुंधली नजर आ रही है। शुरूआती दौर में उरई तहसील द्वारा जिस तरह से नुकसान का आंकलन किया जिसमें सबसे बड़ी हैरानी की बात यह रही किसी भी गांव में 20 प्रतिशत से ज्यादा फसलों को नुकसान नहीं दिखाया था। जबकि जमीनी हकीकत इसके ठीक उटल है।

ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल दिखाता किसान।
अचानक मौसम का मूड बिगड़ा और बारिश के बीच ओलों की बरसात ने सैकड़ा भर से ज्यादा गांवों के अन्नदाताओं के अरमानों पर पानी फेर दिया। एक ओर जहां ज्यादातर गांवों में खेतों में लहलहाती फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गयी जिसे देखकर किसान गहरे सदमे में बताया जा रहा है। तो वहीं दूसरी ओर उरई तहसील प्रशासन द्वारा शनिवार को जो आंकड़ दिये थे उसमें अधिकतम 20 प्रतिशत फसलों को नुकसान होने की बात कही गयी थी वह प्रभावित गांवों के किसानों के गले नहीं उतर रहा हैं हालांकि अभी तक ओलों की बरसात के बाद कितने गांवों में कितने प्रतिशत तक फसलों को नुकसान हुआ है उसकी तस्वीर रविवार को भी धुंधली ही नजर आयी। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ओलों से हुये नुकसान के बारे में कुछ भी कहने से बचता दिखा। जबकि उरई तहसील के जिन 39 गांवों की सूची तहसील उरई द्वारा उपलब्ध करायी गयी थी उसको देखने के बाद प्रभावित गांवों की संख्या में बढ़ोत्तरी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्षेत्रीय लेखपाल किस तरह से गांवों का सर्वे कर नुकसान का आंकलन कर रहे हैं यह बात किसानों के समझ में नहीं आ रही है। जिससे किसानों में आक्रोश के स्वर भी मुखर देखने को मिल रहे है।


अर्किल मटर की फसलें पूरी तरह से हुई नष्ट

उरई। ओला प्रभावित गांवों में मीडिया टीम द्वारा जो सर्वे किया गया उसमें 100 प्रतिशत नुकसान तो अर्किल मटर की फसलों का हुआ है। इसके अलावा भी चना, मसूर, गेहूं, अलसी, जौ, सरसों आदि फसलें भी ओलों की मार से खेतों में बिखरी पड़ी हुयी हैं। नुकसान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन गांवों में ओलों की बरसात हुयी है उन गांवों में शत प्रतिशत नुकसान होने की बात वहां के किसान कह रहे हैं। अब प्रशासनिक अमला प्रभावित गांवों में कितने प्रतिशत फसलों के नुकसान की रिपोर्ट देता है सभी वास्तविक तस्वीर उभरकर सामने आयेगी।

चौबीस घंटे काम करेंगे कृषि विभाग व इंश्योरेंस टीम

उरई। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने जालौन में हुई ओलावृष्टि के कारण नष्ट हो चुकी किसानों की फसलों को लेकर नुकसान का आंकड़ा जुटाने के लिए कृषि विभाग और इंश्योरेंस टीम को लगाया काम पर 24 घंटे खुले रहेंगे कृषि विभाग के कार्यालय इसके साथ ही किसान अपनी बात 18001035490 इफको टोकियो कॉल सेंटर नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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