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कैब के विरोध में मुस्लिम समाज ने किया विरोध प्रदर्शन

राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा व राज्यसभा में कैब बिल पास होने के विरोध में मंगलवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने बजरिया में हंगामी जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया साथ ही महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह को सौंपा। इस दौरान सुरक्षा के इंतजाम कड़े रहे।

महामहिम को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि हमारा मुल्क हिन्दुस्तान एक जमहूरी मुल्क है। इस मुल्क की आजादी में मुसलमानांे की भी उतनी ही कुर्बानी है जितनी कि अन्य वर्गों की हैं लेकिन मौजूदा भाजपा की केंद्रीय सरकार का नागरिकता संशोधन बिल देश के संविधान को हटाकर संघ (आरएसएस) के विधान को लाने की ओर बढ़ाया गया कदम है। हमारे देश का संविधान कहता है कि सबको बराबरी की नजर से देखो। परंतु मौजूदा सरकार का कैब बिल कहता है कि देश के नागरिकों को बराबरी की नजर से नहीं बल्कि धर्म के आधार पर बांटकर देखो। जबकि बांटना हमारे देश के संविधान में नहीं है। हमारे देश का संविधान बगैर किसी भेदभाव, मजहब और मिल्लत सभी को आजादाना तरीके से जीने का हक देता है। लेकिन केंद्र सरकार ने गैर कानूनी नागरिकता संशोधन बिल लाकर देश की आजादी में कांधे से कांधा मिलाकर चलने वाले मुस्लिम समाज को
एडीएम को ज्ञापन सौंपते मुस्लिम समाज के लोग।
अनावश्यक रूप से हैरान व परेशान करने की न सिर्फ साजिश की जा रही है बल्कि संविधान को दरकिनार कर संघ के विधान को लागू कर डा. भीमराव अंबेदकर द्वारा बनाये गये संविधान की धज्जियां उड़ायी जा रही है जिससे देश का अमन पसंद आबाम विशेष रूप से मुसलमान कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता है। अतः आपसे जनपद जालौन का मुस्लिमों सहित सभी अमन पसंद और संविधान में आस्था रखने वाले यह मांग करते हैं कि इस बिल को तुरंत वापस लिया जाये। जिससे हमारे देश के संविधान की शान कायम रहे और हर मुल्क के मजहब व अमन पसंद लोगों को आजादी से जीने का हक मिले। इसके साथ ही ज्ञापन में 15 दिसंबर को भारत की नामचीन यूनीवर्सिटी जामिया मिलिया दिल्ली सहित देश की अन्य यूनिवर्सिटियों में पुलिस द्वारा छात्रों के साथ की गयी बर्बर कार्रवाई की निंदा करते हैं और उक्त घटना की सीबीआई जांच कराये जाने की मांग करते हैं।

इसके पूर्व समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पाटीर्, कांग्रेस, भीम आर्मी, बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच तथा सामाजिक संगठनों के नेतृत्व में हजारों की संख्या में चूड़ी मार्केट से लेकर दल गंजन पार्क तक मुस्लिम समाज के लोग हाथों में तख्तियां लेकर इंकलाब जिंदाबाद संविधान जिंदाबाद हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सब आपस में भाई भाई नागरिकता बिल मुर्दाबाद सीएबी मुर्दाबाद जैसे गगनभेदी नारे लगा रहे । गणेशगंज पाठशाला के सामने से शुरू हुआ यह हंगामी जुलूस से निपटने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे । जिलाधिकारी मन्नान अख्तर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर सतीश कुमार के द्वारा नागरिकता बिल के विरोध में निकल रहे मुस्लिम समाज के जुलूस को देखते हुए पिछले 2 दिनों से मुस्लिम समाज के लोगों से वार्ता की जा रही थी। और स्पष्ट कहा गया कि प्रदेश में धारा 144 लागू है ऐसे में किसी भी तरह का जुलूस प्रदर्शन निकालने की अनुमति नहीं है। लेकिन नागरिकता बिल के विरोध में आक्रोशित मुस्लिम समाज के लोग मौन  जुलूस निकालने के लिए आए हुए थे पहले कलेक्ट्रेट परिसर तक फिर अंबेडकर चैराहे तक आ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने राजमार्ग स्थित दल  गंजन सिंह पार्क पर तक सीमित कर दिया इसके लिए बजरिया रोड पर आड़े तिरछे पीएसी के वाहनों को खड़ा करके बैरिकेडिंग लगा दी गई थी। इसके अलावा करीब 3 सुरक्षा बैरिकेटिंग रोकने की व्यवस्था की गई थी अपर जिलाधिकारी पी के सिंह अपर पुलिस अधीक्षक डॉ अवधेश सिंह नगर क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार शहर कोतवाल शिव गोपाल वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पीएसी के जवान हंगामी जुलूस को नियंत्रित करने के लिए चैकस रहे जुलूस में पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष संजय गौतम पूर्व जिला अध्यक्ष संत शिरोमणि समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष नवाब सिंह यादव वरिष्ठ नेता सुरेंद्र नौकरी सुरेंद्र यादव बजरिया जनता दल यू के शैलेंद्र यादव कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चैधरी श्याम सुंदर शहर अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी पूर्व मंत्री अकबर अली एडवोकेट वरिष्ठ नेता मोहम्मद अमीन खान इसरार खान अबरार खान रफीउद्दीन पन्नू शफीक उर रहमान कश्ती जमालुद्दीन पप्पू मिर्जा साबिर बैग मुन्ना भाई विवेक यादव नबी उद्दीन चुन्ना हुसैन युसूफ अंसारी अलीम अंसारी शहर काजी सबकी मानी शकील बेग रेहमानी परवेज शकील बरकाती माजिद बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच की कुलदीप सिंह बौद्ध रेहाना मंसूरी हाफिज जमील कादरी मुफ्ती ताल्हा पेश इमाम जामा मस्जिद हाफिज मोहम्मद खा ले हाफिज मंजूर अहमद कादरी हाफिज युसूफ दादूपुरा मौलाना अकबर अली पेश इमाम शिया मस्जिद युसूफ याद हाफिज अजीज भगोरा आजाद कादरी आदि के नेतृत्व में हजारों की संख्या में हाथों में तख्तियां लिए मुस्लिम समुदाय के लोग बैरिकेडिंग तोड़ने के लिए उतावले देखें लेकिन जुलूस की अगुवाई कर रहे लोगों के समझाने बुझाने के बाद ही लोग माने और अपने घरों को लौटे इस दौरान करीब अपराहन 1 बजे नमाज के बाद ही लोग सड़कों पर उतर आए थे हालांकि जिस तरह का नागरिकता बिल का विरोध लोगों की आंखों में देखा उससे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को पसीने छूटते नजर आए लेकिन जुलूस में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के समझाने के कारण कोई बड़ी घटना नहीं हो सकी और जुलूस साथ गुजर गया।

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