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शीतलहर ने गलन में किया इजाफा, अलाव देखते ही रूक जाते कदम

खिली धूप भी साबित हुई नाकाफी, पशु-पक्षियों का भी हाल बुरा
ट्रेनों की लेट-लतीफी से स्टेशन में ठण्ड से ठिठुर रहे यात्री 

फतेहपुर, शमशाद खान । चल रही शीतलहर एवं कड़ाके की ठंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इंसान के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। जिला एवं नगर पालिका प्रशासन द्वारा जहां जगह-जगह अलाव जलवाये गये हैं। पड़ रहे कोहरे से किसानों के हाल-बेहाल है। जिसका असर फसलों पर साफ दिखाई देने लगा है। जिसमें सब्जियों में भी नुकसान की संभावनायें बढ़ गयी है। उधर जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कड़ाके की पड़ रही ठंड को मद्देनजर रखते हुए शीतकालीन अवकाश बढ़ाते हुए एक जनवरी तक के लिए कक्षा एक से इण्टर तक के सरकारी, गैर सरकारी, मान्यता प्राप्त, कान्वेन्ट स्कूलों को अवकाश रखने के निर्देश दिये है। जिलाधिकारी ने कहा कि अगर निर्देश की अवहेलना करते हुए कोई विद्यालय पाया गया तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी।   
बताते चलें कि पहाड़ो पर हो रही बर्फबारी के चलते शीतलहर की चपेट में आए शहर को कोहरे और धुंध ने जकड़ रखा है। मौसम वैज्ञानिको के अनुसार पिछले एक सप्ताह से लगातार पारा लुढ़कता जा रहा है। ठंड से जिले में मरने वालो का भी सिलसिला जारी है। जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा शहर सहित ग्रामीणांचलो में कम्बल वितरण एवं अलाव जलाने के जो भी प्रयास किये जा रहे है। वह भी ऊंट के मुंह मे जीरा साबित हो रहे है। शीतलहर के चलते पशु-पक्षियों के भी हाल-बेहाल है। आने-जाने वाले राहगीर भी सड़को के किनारे अलाव
स्टेशन परिसर में ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्री।
देखते ही हांथ सेकने के लिए ठहर से जाते है। यदि प्रशासन ने शीतलहर पर गंभीरता पूर्वक विचार न किया तो जनजीवन अस्त-व्यस्त सा हो जाएगा। बाजारो मे बांग्लादेशी एवं विदेशी कपड़ो की लाट में खरीददारों की हरवक्त भीड़ सी जमा रहती है। इंसान ठंड से बचने का हर उपाय तलाशने मंे स्वयं जुटा हुआ है। हाड़कंपाऊ ठंड से निजात दिलाने के लिए स्वयं सेवी संस्थाओ द्वारा अभी तक कोई पहल न करने से आम जनमानस में अलाव जलवाने, चाय वितरण कराने एवं कम्बल वितरण कराने की शुरूआत बहुत धीरे-धीरे चल रही है। उल्लेखनीय है कि इस बार ठण्ड ने अपना असर पन्द्रह दिसम्बर से ही दिखाना शुरू कर दिया था। नया साल आते-आते लोग ठण्ड से ऊब चुके हैं। कोहरा, गलन व बर्फीली हवाओं ने लोगों के हाड़ डुला दिये। पिछले एक पखवारे से मौसम के बिगडे मिजाज ने किसी को भी नहीं बख्शा है। बर्फीली हवाएं चलने से गलन में हुए इजाफे से हांथ व पैर की अंगुलियां जवाब देने लगी। पारा और गिर जाने के कारण समूचे जनपद में ठंडक ने सभी लोगो को हिला कर रख दिया है। बस स्टाप, रेलवे स्टेशनों पर सफर करने वाले मुसाफिरो को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्दी के चलते विद्युत उपकरण बेचने वाले दुकानदारों की चांदी है। कोयले सहित लकड़ी की बिक्री जोरों पर है। हीटर की बिक्री खूब हो रही है। आज तो सुबह ही सूर्य के दर्शन हो गये लेकिन शीतलहर भी बराबर चलती रही। जिसके चलते धूप असरदार साबित नहीं हुई। शाम के तीन बजते ही एक बार फिर से लोगों को शीतलहर ने अपनी चपेट में ले लिया। लोगों का अनुमान है कि इस वर्ष ठण्ड पिछले साल का रिकार्ड तोड़ेगी और यह ठण्ड पूरे जनवरी माह लोगों को रूलायेगी। 

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