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Monday, December 9, 2019

लचर कानून व्यवस्था पर भीम आर्मी ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

महिलाओं व बहुजनों के हो रहे शोषण को बंद कराये जाने की मांग 

फतेहपुर, शमशाद खान । प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था के साथ-साथ महिलाओं व बहुजनों पर हो रहे शोषण को बंद कराये जाने की मांग को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को चार सूत्रीय ज्ञापन भेजकर सभी मांगों का शीघ्र निराकरण कराये जाने की मांग की। 

डीएम को ज्ञापन देने जाते भीम आर्मी के पदाधिकारी। 
भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष शिवकुमार की अगुवई में पदाधिकारी कलेक्ट्रेट आये और जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजे गये ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में शांति व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गयी है। महिला उत्पीड़न, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्तियों पर अत्याचार बढ़ गया है। प्रदेश सरकार इन अत्याचारों को रोकने में पूर्णतः विफल हो रही है। हाल ही में उन्नाव काण्ड में तो महिला उत्पीड़न की सारी हदें तोड़ दी। पीड़िता की सारी फरियाद नाकाम रहीं। फैसला न करने पर उसको जला दिया गया। जिससे उसकी मौत हो गयी। पूरे देश में इस जघन्य अपराध के प्रति रोष है। प्रतापगढ़ व हैदराबाद में भी महिला उत्पीड़न की सारी हदें पार हुयी। प्रदेश पुलिस द्वारा अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई न करके समाज के दलित, अल्पसंख्यक, अति पिछड़े व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। निर्दोष होते हुए भी उन्हें जेल में डाला जा रहा है। राज्यपाल से मांग किया कि उन्नाव काण्ड के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाये। प्रतापगढ़ में दो नाबालिग बेटियों का रेप करके हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन अभी तक दोषियों को नहीं पकड़ पायी। सम्बन्धित थानाध्यक्ष से लेकर पुलिस कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाये। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंजीत सिंह नौटियाल व शिवम खेवड़िया आदि को तत्काल रिहा किया जाये, बागपत में तैनात सिपाही प्रवीण जाटव की ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दिये जाने के मामले की सीबीआई जांच कराकर अपराधियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाये। यह भी मंाग किया कि महिलाओं, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़े व्यक्तियों पर अत्चार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाये जायें।

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